ईरान ने अमेरिका के मिलेट्री बेस को बनाया टारगेट : 4 हजार किमी दूर से सटीक वार

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया में अमेरिका और ब्रिटेन का बेहद गुप्त मिलिट्री बेस है। यहां कोई कमर्शियल फ्लाइट नहीं आती, और समुद्र के रास्ते भी यहां पहुंचना आसान नहीं होता है। यहां जाने के लिए परमिट लेना अनिवार्य है। आम लोग यहां नहीं जा सकते।एशिया के खाड़ी क्षेत्र में जंग…

कतर के गैस ठिकानों पर ईरानी हमले से अमेरिका के बदले सुर : ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटाने के संकेत

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध ने अब वैश्विक अर्थव्यवस्था की जड़ें हिला दी हैं। ईरान द्वारा खाड़ी देशों के रणनीतिक ऊर्जा ठिकानों, विशेषकर कतर की रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका अपनी सख्त रणनीति बदलने पर मजबूर होता दिख रहा है। ताजा रिपोर्टों…

ईरान युद्ध पर अपनी ही पार्टी में घिरते दिख रहे हैं डोनाल्ड ट्रम्प : परमाणु हमले तक पहुंची बात!

‘‘200 बिलियन डॉलर की युद्ध फडिंग के प्रस्ताव पर कांग्रेस में उठे सवाल’’‘‘ईरान के कतर पर वार से उसका 20 अरब डॉलर का हुआ नुकसान’’‘‘होर्मुज में फंसे 11 भारतीय जहाज, तेल-गैस की नब्ज थमी तो दुनिया की सांस अटक जाएगी’’नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  व्हाइट हाउस युद्ध के लिए मोटा बजट मांगने की तैयारी कर रहा…

अमेरिका-इज़रायल और ईरान युद्ध का नया खतरा : ईरान बंद कर देगा दुनिया का इंटरनेट? भारत भी होगा प्रभावित!

 नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। पश्चिम एशिया की धधकती आग अब केवल ज़मीन और आसमान तक सीमित नहीं रही, बल्कि गहरे समंदर के भीतर छिपे उस जाल तक पहुंच गई है जिस पर पूरी दुनिया का अस्तित्व टिका है। इज़रायल-ईरान संघर्ष और लाल सागर में बढ़ते तनाव ने एक ऐसी नई और खौफनाक आशंका को जन्म…

शोर में डूबती सड़कें, बेकाबू बीट्स, बेहाल समाज

(तेज डीजे, बिगड़ता ट्रैफिक और समाज पर बढ़ता मानसिक दबाव)  – डॉ. प्रियंका सौरभ  नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। सड़कें मूलतः लोगों और वाहनों के सुरक्षित तथा सुगम आवागमन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक नई प्रवृत्ति ने इस मूल उद्देश्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यह प्रवृत्ति है—मोबाइल…

अपने ही क्यों बन जाते हैं दर्द की वजह? 

(रिश्तों, अपेक्षाओं और आधुनिक जीवन का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण)  – डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। समकालीन समाज में रिश्तों की जटिलता पहले की अपेक्षा कहीं अधिक बढ़ गई है। तकनीकी प्रगति, सामाजिक बदलाव और व्यक्तिगत आकांक्षाओं के विस्तार ने जहाँ जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं मानवीय संबंधों को कहीं न कहीं उलझा भी दिया…

प्रतिभा का सम्मान या संबंधों का विस्तार?

(सम्मान की आड़ में बढ़ता दिखावा, और संघर्षरत प्रतिभाओं की अनदेखी—क्या ये समारोह प्रेरणा हैं या केवल प्रभाव दिखाने का मंच?) — डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। देशभर में IAS और IPS जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों के सम्मान समारोहों की परंपरा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। छोटे कस्बों…

रसोई गैस की किल्लत खत्म : गुरुग्राम में शुरू हुआ नया पहला एलपीजी एटीएम, 3 मिनट में मिलेगा भरा हुआ सिलेंडर

 नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। गुरुग्राम की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच रसोई गैस के लिए लंबी वेटिंग और डिलीवरी बॉय के इंतजार का दौर अब बीते दिनों की बात होने जा रहा है। हरियाणा के गुरुग्राम में तकनीक का एक ऐसा अनूठा प्रयोग किया गया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच…

कार्यस्थल, महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म अवकाश

(क्या अनिवार्य अवकाश नीति महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाती है या उनके पेशेवर अवसरों को सीमित करने का जोखिम भी साथ लाती है?)  – डॉ. प्रियंका सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। मासिक धर्म स्त्री जीवन की एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, किंतु लंबे समय तक इसे सामाजिक संकोच, मौन और उपेक्षा के दायरे में…

परमाणु प्रसार को रोकने की जंग या उसे तेज करने की भूल?

(पश्चिम एशिया की समकालीन परिस्थितियों में यह प्रश्न कि क्या परमाणु प्रसार को रोकने के लिए किए गए सैन्य हस्तक्षेप वास्तव में उसे और अधिक तीव्र बना देते हैं।)  — डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। परमाणु हथियारों का प्रसार आधुनिक अंतरराष्ट्रीय राजनीति की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है। द्वितीय विश्व युद्ध…