वंदे मातरम की आड़ में अहम मुद्दों से लोगों को भटका रहे मोदी-शाह : संजय सिंह

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। वंदे मातरम गीत को लेकर सियासी गलियारों में जमकर चर्चा चल रही है। इसे लेकर पक्ष विपक्ष आमने सामने है। आलम ये है की केंद्र में बैठी भाजपा सरकार इस मुद्दे को ढाल बनाकर देश में फैली महंगाई, बेरोजगारी जैसे तमाम अन्य मुद्दों को दबाने की कोशिश कर रही है। लेकिन…

भारत–रूस संबंध और बदलता वैश्विक समीकरण

यूक्रेन युद्ध, पश्चिमी प्रतिबंध और भारतीय सामरिक स्वायत्तता की नई परीक्षा — डॉ प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। रूस के साथ भारत के संबंध दशकों से सामरिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और राजनीतिक विश्वास की मजबूत नींव पर टिका रहा है। शीत युद्ध के दौर से लेकर वर्तमान तक रूस उन कुछ देशों में रहा,…

चुनाव आयोग को सत्ता पक्ष चला रहा है : राहुल गांधी

‘‘ईसी को सीसीटीबी फुटेज नष्ट करने की ताकत क्यों दी गई? सीईसी को सजा का प्रावधान क्यों हटा?‘‘नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। लोकसभा में चुनाव सुधार पर विशेष चर्चा के दौरान भारत के नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बड़ी बात कही। इस दौरान उन्होंने आरएसएस का नाम लिया, राहुल ने कहा कि समानता की…

इंडिगो के आगे भाजपा सरकार मजबूर! अखिलेश ने खोली पोल!

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। इन देश हवाई यात्रा को लेकर भारी संकट मंडरा रहा है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में आज भी कई हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानें सामान्य नहीं हो पाई हैं, जिसके कारण देरी और कैंसिलेशन का सिलसिला जारी है।लगातार सातवें दिन बड़े पैमाने…

एकांत का सौंदर्य और भीतर की यात्रा : बदलते समय में आत्मिक अनुशासन की आवश्यकता

बाहरी दुनिया की चकाचौंध के बीच भीतरी संसार को सँभालना ही जीवन का सबसे बड़ा संतुलन — डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। आज का मनुष्य निरंतर दौड़ में है—लक्ष्य पाने की दौड़, दिखावे की दौड़, और दूसरों की अपेक्षाओं को पूरा करने की दौड़। इस भागदौड़ के बीच जो सबसे अधिक छूट गया…

ऑफिस टाइम के बाद नो कॉल–नो ईमेल: बॉस का फोन न उठाने का हक

कर्मचारियों को आखिर कब मिलेगा असली ‘डिसकनेक्ट’ का अधिकार? राइट टू डिसकनेक्ट बिल 2025: कामकाजी भारत की थकान, तनाव और ‘हमेशा उपलब्ध रहने’ की संस्कृति पर एक जरूरी बहस।   – डॉ प्रियंका सौरभ नई दिल्ली।  (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत का कार्य-संस्कृति परिदृश्य पिछले दो दशकों में जिस तेज़ी से बदला है, शायद ही दुनिया का कोई…

हरियाणा में टोल की मार: सबसे ऊँची वसूली, सबसे कम दूरी — व्यवस्था पर ठोस सवाल

जब गुजरात जैसा बड़े आकार वाला प्रदेश पीछे रह जाए और छोटा हरियाणा टोल वसूली में सबसे आगे हो—तो यह महज संयोग नहीं, नीतिगत असंतुलन का संकेत है — डॉ सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में वह सच सामने आया जिसे हरियाणा के लोग वर्षों…

अंतरराष्ट्रीय मंच पर शिष्टाचार और भारतीय प्रतिनिधित्व का सवाल

स्वतंत्र पत्रकारिता का अधिकार महत्वपूर्ण, पर राष्ट्र की गरिमा और सांस्कृतिक सौम्यता की अनदेखी नहीं विश्व के सामने बैठने का ढंग, बोलने की शैली और प्रस्तुति—ये केवल व्यक्तिगत विकल्प नहीं, बल्कि देश की सामूहिक पहचान का प्रतीक होते हैं। – डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के…

अरावली की सिकुड़ती ढाल और दिल्ली का डूबता पर्यावरण

अरावली संरक्षण के दायरे को 100 मीटर की परिभाषा से सीमित कर देना—दिल्ली-एनसीआर की हवा, पानी और तापमान के लिए एक गहरी पर्यावरणीय चोट।  – डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत के उत्तरी भूगोल में अरावली केवल एक पर्वतमाला नहीं, बल्कि एक जीवित पारिस्थितिक दीवार, एक भूजल भंडार, एक शीतलन तंत्र और एक…

जवाबदेही की नई राह : मंत्रियों की कार्य-रिपोर्ट और सदन अध्यक्ष द्वारा समीक्षा

लोकतांत्रिक शासन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संस्थागत समीक्षा की नई पहल (मंत्रियों के कार्य-काज की नियमित रिपोर्ट तैयार की जाए।रिपोर्टों की समीक्षा सदन के अध्यक्ष द्वारा की जाए। प्रक्रिया से पारदर्शिता, कार्यक्षमता और जवाबदेही बढ़ेगी। लोकतांत्रिक नियंत्रण और तटस्थ मूल्यांकन को संस्थागत रूप मिलेगा।)  – डॉ सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। लोकतंत्र की सफलता…