“यू.एस. इंडिया कॉम्पैक्ट”  चुनौतियाँ और अवसर।

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच बदलती गतिशीलता का इक्कीसवीं सदी में दुनिया के संगठित होने के तरीके पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। इस साझेदारी की क्षमता को पूरी तरह से साकार करने के लिए, दोनों सरकारों को रणनीतिक बहुपक्षीय सम्बंधों, अर्थशास्त्र और रक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। मौजूदा हालात अमेरिका-भारत…

अवैध प्रवासन को सहानुभूति और तत्परता से हल करे भारत

भारत ने बिना दस्तावेज़ वाले भारतीयों को तब तक स्वीकार करने पर सहमति जताई है, जब तक उनकी राष्ट्रीयता सत्यापित हो जाती है और इसने द्विपक्षीय सम्बंधों से समझौता किए बिना आव्रजन मुद्दे को संभालने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भारत की स्थिति…

अमेरिका की फंडिंग बन्द होने से बीमार होता विश्व स्वास्थ्य संगठन

डब्ल्यूएचओ, जिसके लिए यह 1948 में अपनी स्थापना के बाद से जाना जाता है, अमेरिका के हटने के परिणामस्वरूप निम्न-गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करेगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य हलकों के अनुसार, भारत को महामारी की तैयारी, टीबी, एड्स, रोगजनक और एंटीबायोटिक प्रतिरोध निगरानी, अन्य कार्यक्रमों में अधिक निवेश करने के लिए तैयार रहना चाहिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…

अमेरिका से बडी खबर : कैंसर के खतरे के कारण बैन किया खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाला रेड डाई नंबर 3

‘‘केक, कुकीज़ और टॉफी के साथ ही कैंडी, रंगीन पेय पदार्थ और कुछ दवाइयों में भी होता है रेड डाई नंबर 3 का इस्तेमाल’’नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) क्या आप भी केक, कुकीज़ और टॉफी के शौकीन हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिका की खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हाल ही…

आत्मनिर्भरता को मज़बूत करते हुए चीन के साथ भारत के सम्बंध

 भारत की सागरमाला परियोजना हंबनटोटा जैसे समुद्र में चीनी प्रभाव को संतुलित करने के लिए रणनीतिक भारतीय बंदरगाहों के विकास को सुनिश्चित करती है। भारत चीन के आपूर्ति शृंखला प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए बांग्लादेश, नेपाल और अफ्रीकी देशों जैसे पड़ोसी देशों में क्षेत्रीय विनिर्माण केंद्र विकसित करने में रणनीतिक रूप से निवेश कर…

अफ़गानिस्तान के साथ भारत के जुड़ाव और तालिबान

अफ़गानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत ने काबुल में अपना दूतावास फिर से खोल दिया है। भारत ने अब तक केवल तालिबान को अलग-थलग करने पर ध्यान केंद्रित किया है। हालाँकि, एक सीमा के बाद, यह विकल्प कम लाभ देगा, क्योंकि कई अन्य देश अब तालिबान से जुड़ना शुरू कर रहे हैं और…

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस को मात दे पायेगा भारत ?

भारत को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पहलों के माध्यम से निगरानी, निदान और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करके मानव मेटान्यूमोवायरस  जैसे उभरते वायरल खतरों से निपटने के लिए अपने नियामक ढांचे को बढ़ाना चाहिए। वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ-साथ वैक्सीन और एंटीवायरल अनुसंधान में निवेश से ऐसे प्रकोपों को कम करने में मदद मिलेगी। कमजोर…

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस : फिर से चिंता में डूबी दुनिया।

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस, न्यूमोविरिडे परिवार का हिस्सा है, यह एक श्वसन वायरस है जो हल्की सर्दी से लेकर निमोनिया और ब्रोंकियोलाइटिस जैसे गंभीर फेफड़ों के संक्रमण तक की बीमारियों का कारण बनता है। हालाँकि फ्लू या रेस्पिरेटरी सिन्सिटियल वायरस  की तुलना में कम पहचाना जाने वाला, ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस दुनिया भर में…