आरएसएस पर बैन लगाने के कांग्रेस के बयान से देश में सियासी उबाल

‘‘आरएसएस पर लगाएंगे पूर्ण प्रतिबंध : कांग्रेस‘‘
‘‘संघ समाज में सांप्रदायिकता फैला रहा है : प्रियांक खडगे‘‘
नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)।
 कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियांक खरगे जोकि कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर भी है के एक बयान से देश की राजनीति लाल हो गयी है। प्रियांक ने बयान दिया है कि यदि कांग्रेस दोबारा केंद्र की सत्ता में आती है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत संघ पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाएगी।
यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही कई बार संघ पर तीखे हमले कर चुके हैं और संघ पर देश को धार्मिक आधार पर विभाजित करने का आरोप लगाते रहे हैं। मगर अब प्रियांक खरगे के इस प्रतिबंध प्रस्ताव ने सियासी विमर्श को और तीखा कर दिया है। बीजेपी ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि संघ पर प्रतिबंध लगाने का हश्र पूर्व पीएम इंदिरा गांधी भुगत चुकी है अब यह भुगतेगें।
क्यों नहीं होती संघ की जांच?
प्रियांक खरगे ने सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय एजेंसियां जैसे ईडी और आईटी सिर्फ विपक्षी नेताओं के खिलाफ क्यों सक्रिय हैं? आरएसएस को मिलने वाला पैसा कहां से आ रहा है? उसकी आय का स्रोत क्या है। इसकी कभी जांच क्यों नहीं होती? उन्होंने यह भी जोड़ा कि संघ के कई कार्यकर्ता बार-बार विवादित बयान देकर बच निकलते हैं जिसे अब रोका जाना चाहिए।
तीन बार पहले भी लग चुका है संघ पर प्रतिबंध
1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद, जब नाथूराम गोडसे की संघ से कथित संबद्धता को लेकर संघ पर करीब 18 महीने तक प्रतिबंध लगा।
1975 में आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने विपक्षी आंदोलनों में भागीदारी के चलते संघ को प्रतिबंधित किया।
1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद तीसरी बार संघ पर पाबंदी लगी जो लगभग छह महीने चली।
प्रियांक खरगे ने संघ पर समाज में सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाते हुए सवाल पूछा है कि आज देश में नफरत कौन फैला रहा है? कौन संविधान बदलने की बात कर रहा है? और कौन सांप्रदायिक हिंसा के लिए जिम्मेदार है? संघ अगर राजनीति से अलग है तो वह बीजेपी से यह क्यों नहीं पूछता कि बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है या कश्मीर में आतंकी घटनाएं कैसे हो रही हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए संघ पर प्रतिबंध लगाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस से जुड़े लोगों को नफरत भरे भाषणों और संविधानविरोधी बयानों पर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
एक्स पर प्रियांक ने पोस्ट किया
प्रियांक खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि विश्वास कीजिए जिस दिन मुझे पर्याप्त शक्ति मिलेगी मैं आरएसएस की जहरीली राष्ट्र-विरोधी मशीनरी को नष्ट करने के लिए हर संवैधानिक टूल का इस्तेमाल करूंगा।
लोगों के हित के लिए काम करता है संघ : गिरिराज सिंह
कर्नाटक में प्रियांक खरगे के दिये गये बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नेता गिरिराज सिंह ने कहा है कि संघ को कभी इंदिरा गांधी ने भी बैन किया था। उन्होंने अपना हश्र देखा लिया था। ये लोग भी यदि ऐसा करने की सोच रहे हैं तो यह लोग भी अपना हश्र देख लेंगे। उन्होंने कहा कि आरएसएस दुनिया में ऐसा संगठन है जो लोगों के हित के लिए काम करता है। 1971 के युद्ध में आरएसएस ने लोगों की मदद की थी। जब बाढ़ आती है या आपदा की स्थिति होती है तो आरएसएस के लोग सहयोग करते हैं।