जेल की सलाखों के पीछे जाएगा पूर्व प्रधानमंत्री का पोता प्रज्वल रेवन्ना

‘‘सनकी यौन उत्पीड़क, 2 हजार से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले थे मोबाइल में‘‘
‘‘यौन उत्पीडऩ मामले में दोषी करार‘‘
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।
कभी जनता दल (सेक्युलर) का युवा चेहरा कहे जाने वाले प्रज्वल रेवन्ना के भग्य का फैसला हो गया। न कोई भाषण, न कोई माइक, जेड प्लस का सुरक्षा चक्र भी नहीं आखिरकार सच की हथकडिय़ाँ उसकी कलाइयों तक पहुंच गईं और एक बार फिर सिद्ध हो गया कि अपराधी चाहे जितना हाई प्रोफाइल हो कानून के हाथों से बच नहीं सकता।
अब हर दिन संघर्ष के
वंशवाद की राजनीति में बिना संघर्ष के नेता बने प्रवज्ल को अब हर दिन संघर्ष का पर्याय बनकर जेल में जीना होगा। देवेगौड़ा परिवार के लिए आज का दिन जीवन का सबसे काला और शर्मनाक अध्याय बन गया है। जिस वंश की नींव उन्होंने रखी थी आज उसका नाम यौन शोषण के आरोप में मीडिया की हेडलाइन बना हुआ है।
एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला
एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने प्रज्वल रेवन्ना को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। सजा की सबसे खास बात यह रही कि प्रज्वल ने जो वीडियो पीड़िताओं को डराने के लिए बना कर अपने पास रखे थे वही वीडियो उसका काल बने और सबूत के तौर पर उसे सजा दिलाने में सहायक साबित हुए।
वीडियो जो सबूत बने
प्रज्वल रेवन्ना का केस कोई छोटा मोटा केस नहीं था। पूर्व प्रधानमंत्री का पोता और पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा। लेकिन कहते हैं कि अपराधी जब अपराध करता है तो सबूत जरूर छोड़ता है। प्रवज्ल ने भी यही किया। उसने यौन शोषण करते समय पीड़िताओं को डराने के लिए उनके वीडियो अपने मोबाइल फोन में सेव करके रखे। प्रज्वल पर जब आरोप लगे और उसकी जांच शुरू हुई तो जांच करने वालों के पैरो तले जमीन खिसक गयी। अपराध इतने ज्यादा थे कि प्रज्वल के खिलाफ एसआईटी ने 1600 पन्नों की चार्जशीट अदालत में रखी। अदालत में 118 सबूत रखे गये और 26 गवाहों के बयान दर्ज किये गये। वीडियो क्लिप्स, सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, और ऊपर से खुद पीड़िता के बयान सबने मिलकर सत्ता के इस मजबूत पिलर को गिरा दिया। यह मामला 28 अप्रैल 2024 की शिकायत से शुरू हुआ।
48 वर्षीय घरेलू मेड के साथ किया था बलात्कार
जिस मामले में प्रज्वल रेवन्ना को सजा दी गयी है वह हासन के गन्निकाडा गेस्ट हाउस में रेवन्ना परिवार की 48 वर्षीय महिला मेड के यौन शोषण से जुड़ा है। प्रज्वल ने इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड भी किया था। एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (2) (के) के तहत एक महिला पर प्रभुत्व रखने और उसके साथ बलात्कार करने के लिए और 376 (2) (एन) के तहत एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार करने के लिए, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ई और अन्य अपराधों के तहत आरोप पत्र दायर किया था। प्रज्वल रेवन्ना कई महिलाओं के यौन उत्पीडऩ को दर्शाने वाले 2000 से अधिक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया सहित ऑनलाइन प्रसारित होने के बाद दर्ज किए गए चार मामलों में मुख्य आरोपी हैं। प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पहली शिकायत अप्रैल 2023 में दर्ज की गई थी। प्रज्वल पर अभी तीन और अलग-अलग मामलों में सजा मिलना बाकी है।