नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का कहना है शहर के सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में ले जाने की योजना से उनके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार होगा। उन्हें रखने के लिए पर्याप्त शेल्टर भी मौजूद नहीं हैं। नेता ने कहा कि शहरी इलाकों में जानवरों के साथ बुरा व्यवहार और क्रूरता की जाती है। निश्चित रूप से इस समस्या का कोई बेहतर और मानवीय तरीका निकाला जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आवारा कुत्तों की तादाद को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि 8 हफ्तों के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर डॉग शेल्टर में रखा जाए। कोर्ट के इस सख्त फैसले को लेकर पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया तो वहीं नेताओं ने भी नाराजगी जाहिर की है। इस बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का बयान सामने आया है। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कुछ ही हफ्तों में शहर के सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में ले जाने की योजना से उनके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार होगा। उन्हें रखने के लिए पर्याप्त शेल्टर भी मौजूद नहीं हैं। इसके आगे कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले से ही शहरी इलाकों में जानवरों के साथ बुरा व्यवहार और क्रूरता की जाती है। निश्चित रूप से इस समस्या का कोई बेहतर और मानवीय तरीका निकाला जा सकता है, जिसमें इन मासूम जानवरों की देखभाल हो और उन्हें सुरक्षित भी रखा जा सके। नेता ने ये भी कहा कि कुत्ते सबसे सुंदर और कोमल प्राणी होते हैं, वो इस तरह की क्रूरता के लायक नहीं हैं। इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रियंका के भाई राहुल गांधी का भी बयान सामने आया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा ‘दिल्ली-एनसीआर से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश दशकों से चली आ रही मानवीय और विज्ञान-समर्थित नीति से एक कदम पीछे है। ये बेजुबान जीव कोई समस्या नहीं हैं, जिन्हें मिटा दिया जाए। कुत्तों की बढ़ती संख्या के समाधान को लेकर राहुल गांधी ने कहा ‘शेल्टर, नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल से सड़कों को बिना किसी क्रूरता के सुरक्षित रखा जा सकता है। आवारा जानवरों को बिना सोचे-समझे हटाना क्रूर है और हमारी मानवता को खत्म करता है। हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि जन सुरक्षा और पशु कल्याण साथ-साथ चलें।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर्स होम्स बनाने के निर्देश दिए हैं.. कोर्ट ने 5 हजार कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन आवारा कुत्तों को सड़कों से पकड़ा जाएगा उन्हें वापस नहीं छोड़ा जाएगा। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर को आवारा कुत्तों से मुक्त करना है ताकि बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सड़कों पर सुरक्षित रह सकें। कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि जो भी विभाग इन आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम करेगा। वो हर दिन इस बात का रिकॉर्ड रखेगा कि कितने कुत्तों को एक दिन में पकड़ा गया।

