‘‘विपक्ष के निशाने पर मोदी सरकार‘‘
नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत को अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले अपने उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और भारत के बीच व्यापार वार्ता में गतिरोध जारी रहने के कारण, सरकार दंडात्मक टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए कई उपायों पर विचार कर रही है। 50 प्रतिशत टैरिफ का असर अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले 48.2 अरब डॉलर मूल्य के माल पर पड़ेगा। इस फैसले के बाद देश में हाहाकार मच गया है। नए टैरिफ बुधवार सुबह 9.30 बजे से लागू हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा है कि किसी भी दबाव से समझौता नहीं करेंगे। लेकिन कांग्रेस पार्टी लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रही है। कांग्रेस ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ (शुल्क) के प्रभावी होने के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि अमेरिका के साथ उनका मेगा साझेदारी वाला फार्मूला देश के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा अमेरिकी शुल्क का सबसे ज्यादा असर कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और इंजीनियरिंग क्षेत्र पर होगा।
लाखों नौकरियां दांव पर लगी, निर्यात हुआ ठप, अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
अमेरिका का भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। हितधारकों का कहना है कि राज्य के श्रम आधारित चमड़ा, इंजीनियरिंग और समुद्री क्षेत्रों को आगामी त्योहारों से पहले काफी नुकसान होने की आशंका है। रूसी तेल की खरीद के लिए भारतीय उत्पादों पर बढ़ा हुआ शुल्क बुधवार से लागू हो गया, जिससे भारत पर अब कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है। निर्यातकों ने कहा कि अमेरिकी शुल्क से उत्पन्न भू-राजनीतिक प्रतिकूल परिस्थितियों से निर्यात और यहां तक कि उत्पादन भी फिलहाल रोक दिया गया है। व्यापार अनुमानों के अनुसार, इस कदम से कम से कम 45,000 करोड़ रुपये के भारतीय निर्यात पर असर पड़ेगा और बंगाल सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है।
50 प्रतिशत ट्रंप टैरिफ से भारत में हाहाकार

