हरियाणा में 25 सितंबर से लाडो लक्ष्मी योजना का आगाज : महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2100 रुपये

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)।  हरियाणा सरकार ने महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान को बढ़ाने के लिए दीन दयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना को लागू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कैबिनेट की बैठक के बाद इस योजना का ऐलान किया।
कब होगा शुभारंभ?
सीएम सैनी ने कहा “हमने आज महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत, सभी पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितंबर 2025 से शुरू की जाएगी।”
कौन-कौन सी महिलाएं होंगी इस योजना की लाभार्थी?
आयु सीमाः इस योजना का लाभ 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा, जिसमें विवाहित और अविवाहित दोनों प्रकार की महिलाएं शामिल होंगी।
आय सीमाः पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से कम है।
स्थानीयताः इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए, महिला या उसके पति को हरियाणा में पिछले 15 वर्षों से मूल निवासी होना आवश्यक होगा।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?
एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई भी प्रतिबंध नहीं होगा। यदि किसी परिवार में तीन महिलाएं हैं, तो उन्हें तीनों को इस योजना का लाभ मिलेगा। जिन महिलाओं को पहले से ही अन्य पेंशन योजनाओं से अधिक राशि मिल रही है, उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। महिलाएं जो स्टेज 3 और 4 कैंसर, हीमोफिलिया, थैलेसिलमिया, और 54 दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें इस योजना का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
उम्र के हिसाब से मिलेंगे और लाभ
अगर कोई अविवाहित महिला 45 वर्ष की उम्र पूरी करती है, तो वह विधवा और निराश्रित महिला वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्र हो जाएगी। और जब वह महिला 60 वर्ष की आयु पार करेगी, तो वह वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाएगी।
क्या है योजना का अनुमान?
सीएम ने बताया कि पहले चरण में 19-20 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने का अनुमान है। इसके अलावा, आने वाले कुछ दिनों में योजना की गजट नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी और एक एप्लिकेशन लॉन्च किया जाएगा, जिससे पात्र लाभार्थी महिलाएं घर बैठे इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगी। हरियाणा सरकार की यह पहल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।