हैदराबाद में अखिलेश यादव का जोर : किसान और मेडिकल सेक्टर के लिए एआई अहम

 नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। हैदराबाद में आयोजित विजन इंडिया पीडीए इवेंट में समाजवादी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के महत्व पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे एआई किसान से लेकर मेडिकल सेक्टर तक में मददगार साबित हो सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान हमें यह अधिकार देता है कि सब बराबर हैं, और सरकार को इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने डिजिटल डिवाइड को कम करने और स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने की भी आवश्यकता पर जोर दिया।
किसानों के लिए एआई कैसे होगा मददगार?
अखिलेश यादव ने किसानों के लिए एआई के इस्तेमाल पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सेटेलाइट से मिली इमेज के आधार पर किसानों तक मदद पहुंचाई जा सकती है। मिट्टी की जांच में एआई मददगार हो सकती है, जिससे किसानों को उनकी भूमि की स्थिति का सही समय पर पता चलेगा। साथ ही बारिश के समय और मौसम का पूर्वानुमान एआई के माध्यम से किया जा सकता है, जिससे फसल नुकसान से बचाई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि मंडियों में सही रेट और डेटा किसान तक पहुँचाने में एआई एक बड़ा रोल निभा सकता है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान कम होगा।
मेडिकल और हेल्थ सेक्टर में एआई की भूमिका
अखिलेश यादव ने मेडिकल और हेल्थ सेक्टर में एआई के फायदे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कई बार समय पर बीमारी का पता नहीं चल पाता और इलाज पूरा नहीं हो पाता, जिससे खर्च बढ़ जाता है। एआई की मदद से टेलीमेडिसिन और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया जा सकता है, जिससे मरीज को शहर या बड़े अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्टाफ को प्रशिक्षित कर सही समय पर मरीजों को उचित इलाज दिया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि टेक्नॉलजी आधारित रिस्पॉन्स सिस्टम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है।
सरकारी सिस्टम और एआई बेहतर फैसले और सेवाएं
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार का सिस्टम एआई के लिए तैयार होना चाहिए, ताकि सही समय पर निर्णय लिए जा सकें। उन्होंने यूपी में 108 एंबुलेंस सर्विस और पुलिस का डायल 100 सिस्टम उदाहरण के रूप में बताया, जो तकनीकी आधार पर बेहतर कार्य कर रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का इस्तेमाल केवल टेक्नॉलजी के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जीवन गुणवत्ता बढ़ाने के लिए होना चाहिए। उनका मानना है कि सबका साथ और सबका ग्रोथ तभी संभव है जब डिजिटल और टेक्नॉलजी के माध्यम से सभी क्षेत्रों में सुधार आए।