‘‘एमसीडी सदन में भाजपा पर विपक्ष का सवाल’’
‘‘अपनी जिम्मेदारी से भाग रही भाजपा सरकार’’
‘‘भाजपा व आप में तीखी बहस‘‘
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षदों के विरोध-प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को भारी हंगामे में कुछ ही मिनट में समाप्त हो गई। शुक्रवार को हुई इस बैठक में पार्क और सडक़ों के नामकरण से संबंधित कई प्रस्ताव पारित किए गए। इस दौरान आप पार्षदों ने नारेबाजी की और ‘एलपीजी गायब’ लिखे एलपीजी सिलेंडरों की तस्वीरों वाले पोस्टर लहराए। महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि पिछली बैठकों की तरह इस बार भी ‘आप’ के कुछ पार्षदों ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया।
मेयर ने दिल्ली सरकार के बजट में एमसीडी के लिए आवंटित 11,412 करोड़ रुपये के प्रावधान का स्वागत किया। आप पार्षद एवं सदन में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा के महापौर ने इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा की अनुमति तक नहीं दी। नारंग ने कहा, जल्दबाजी में एजेंडा पारित कर सदन स्थगित कर दिया गया और महापौर परिसर से चले गए। यह केवल गैस सिलेंडर की कमी का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ा बड़ा संकट है। रसोई ठंडी पड़ रही हैं और भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। सदन में पारित प्रस्तावों में गाजीपुर स्थित पांच एकड़ भूखंड पर प्रतिदिन कम से कम 800 टन कचरा संसाधित करने और उससे जुड़े अवशेष के निपटान के लिए एक सुविधा विकसित करने हेतु निविदाएं आमंत्रित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी को लेकर आम आदमी पार्टी का विरोध-प्रदर्शन

