नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो के बीच एक बार फिर तीखी तकरार सामने आई है। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रूबियो वेटिकन की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने वाले हैं।
ट्रंप ने एक साक्षात्कार में पोप पर आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियां ईरान को फायदा पहुंचा रही हैं और दुनिया को “कम सुरक्षित” बना रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पोप अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के परमाणु हथियार रखने को सही ठहराते हैं। हालांकि, पोप ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। पोप लियो ने इन आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि कैथोलिक चर्च हमेशा से परमाणु हथियारों के खिलाफ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल शांति और संवाद को बढ़ावा देना है, न कि किसी राजनीतिक पक्ष का समर्थन करना। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनकी आलोचना करना चाहता है तो वह सच्चाई के आधार पर करे। इस विवाद का असर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ रहा है। मार्को रूबियो, जो स्वयं कैथोलिक हैं, ने कहा कि ट्रंप की आलोचना का संबंध ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने के खतरे से है और पूरी दुनिया को इसका विरोध करना चाहिए। इस बीच, इटली की राजनीति में भी यह मुद्दा गूंजने लगा है। इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी और विदेश मंत्री एंटोनियो तंजानी ने पोप का समर्थन किया और ट्रंप की टिप्पणियों को शांति के लिए नुकसानदायक बताया। ट्रंप ने अपने बयान में नाटो सहयोगियों पर भी नाराजगी जताई और जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों को हटाने की योजना का जिक्र किया। इससे यह संकेत मिलता है कि यह विवाद सिर्फ धार्मिक या वैचारिक नहीं, बल्कि व्यापक कूटनीतिक तनाव का हिस्सा बनता जा रहा है।
बडी खबर : ट्रंप और पोप लियो के बीच फिर तीखी तकरार

