सोनम वांगचुक-अभिजीत दीपके के आंदोलन को उद्धव ठाकरे का समर्थन

‘‘उद्धव ठाकरे की राहुल गांधी से अपील: समर्थन में पूरे विपक्ष हो एकजुट’’
नई दिल्ली। (आवाज न्यूज़ ब्यूरो)।
 उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन को पूरा समर्थन दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकजुट होकर आंदोलनकारियों का समर्थन करने का आह्वान किया।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। सोमवार को आयोजित प्रेस कांन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा कि जंतर मंतर पर अभिजीत दीपके ने जो विषय उठाया वो हजारों स्टूडेंट के भविष्य का विषय है। सरकार के पास टाइम नहीं है. विद्यार्थियों का भविष्य का खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुग पिछले महीने आकर मुझे मिलकर गए। मेरा सोनम वांगचुग और अभिजीत दीपके को पूरा समर्थन है। ये आमरण अनशन पर हैं। सोलह दिन से उनपर सरकार का ध्यान नहीं हैं। सोनम वांगचुग जैसे व्यक्ति आज देश को चाहिए, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उद्धव ठाकरे नेकहा कि आपको याद होगा कि जीडी अग्रवाल ने 114 दिन अनशन किया था। दंगे को लेकर किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया और उनकी मौत हो गई। उसी तरह सोनम वांगचुग की तबीयत लगातार खराब हो रही है। इस विषय पर देश के सभी राजनीतिक पार्टियों को एक साथ आना चाहिए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अभिजीत दीपके देश के युवाओं का आवाज उठा रहा है। 20 तारीख को अभिजीत ने मोर्चा आयोजित किया है। इसे दमन करने की योजना चल रही है। ये लोग क्यों लड़ाई लड़ रहे हैं? यह राजनीति का विषय नहीं है। यह देश का विषय है। हर राज्य में इसे समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा कहना है कि राहुल गांधी को भी जाना चाहिए। भाजपा के नेताओं को भी आना चाहिए। जैसे मैने राम रक्षा आंदोलन के लिए सभी हिंदुओं को आह्वाहन किया था। वैसे ही इस आंदोलन मैं भी सभी राज्य के नेताओं का आह्वान कर रहा हूं कि वो सोनम वांगचुग और अभिजीत दीपके को समर्थन करें।
वांगचुग से अनशन तोड़ने की अपील
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुग को दिल्ली का अनशन तोड़ना चाहिए। हाथ जोड़कर विनती करता हूं। आप अपना अनशन तोड़ें। आपकी देश को जरूरत है। हम सब एक मिलकर इस देश को आगे बढ़ाएंगे। अन्ना हजारे के आंदोलन और सुषमा स्वराज के भाषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले सरकारें जनआंदोलन सुनती थीं, अब नहीं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि यदि उनकी जगह किसी और को मंत्री बनाया जाए तो इसमें क्या दिक्कत है। नीट परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार विदेश दौरों में व्यस्त है, जबकि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। उद्धव ठाकरे ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एक हफ्ते पहले मैने इसी जगह पर जो राम मंदिर मैं लूट चल रही है, उस पर अपना बयान दिया था। इसके बाद दादर के हनुमान मंदिर में हमने राम रक्षा आंदोलन किया। आने वाले 18 जुलाई को नागपुर मैं खुद रहूंगा और राम रक्षा आंदोलन करने जाऊंगा। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को सोए नहीं रहना चाहिए, उन्हें जागते रहना चाहिए। अगर वे हिंदुओं का शोषण कर लूटपाट कर रहे हैं, तो उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए। देश में अजीब स्थिति है। उद्धव ठाकरे ने राज्य में सड़कों की बदहाली और गड्ढों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि वर्षों से खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। यह गडकरी का काम है, लेकिन वे इथेनॉल की बात कर रहे हैं।