मीठे पानी का संकट : कमी नहीं, कुप्रबंधन

(दुनिया आज मीठे जल की उपलब्धता और पहुँच—दोनों से जूझ रही है। मीठे जल की कमी से अधिक, उसकी पहुँच क्यों आज वैश्विक संकट है?) डॉ. प्रियंका सौरभ वैश्विक मीठे जल संकट: उपलब्धता और पहुँच की दोहरी चुनौती नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। आज विश्व जिस सबसे गंभीर संसाधन संकट का सामना कर रहा है,…

हाथ से लिखना : तेज़ रफ्तार समय में मन का ठहराव

– डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। आज का समय गति का है। सुबह आँख खुलते ही मोबाइल स्क्रीन चमकने लगती है, सूचनाओं की बाढ़ हमारे भीतर उतरने लगती है और दिन कब शुरू होकर कब थकान में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। ई-मेल, व्हाट्सऐप, नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया—सब मिलकर हमारे…

सृजन, सुविधा और नकल की नई संस्कृति

– डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। कहा जाता है कि हर नई तकनीक अपने साथ सुविधा लेकर आती है, पर कुछ तकनीकें धीरे-धीरे हमारी सोच और आदतों को भी बदल देती हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज ऐसे ही मोड़ पर खड़ी है। उसने लिखने की गति बढ़ाई है, उसे आसान और सुलभ बनाया…

फैशन, पहचान और भ्रम : आज के युवाओं के सामने असली चुनौती

(दाढ़ी पर नहीं, सोच पर बहस ज़रूरी) — डॉ. सत्यवान सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। हर दौर की अपनी पहचान होती है। यह पहचान केवल कपड़ों, हेयर-स्टाइल या चेहरे पर उगे बालों से नहीं बनती, बल्कि उस सोच से बनती है जो व्यक्ति और समाज—दोनों को दिशा देती है। आज के समय में युवाओं के…

कोचिंग संस्कृति और बच्चों की मौतें : सफलता के नाम पर असफल समाज

– डॉ० प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। कोटा में एक और छात्रा की आत्महत्या—यह कोई साधारण खबर नहीं है और न ही किसी एक परिवार की निजी त्रासदी भर। यह उस शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक मानसिकता और तथाकथित “सफलता मॉडल” पर गहरा प्रश्नचिह्न है, जिसे हमने पिछले दो दशकों में बिना सवाल किए स्वीकार कर…

चौधरी अजीत सिंह की जयंती पर कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)।  राष्ट्रीय लोक दल जिला कार्यालय फर्रुखाबाद में जिलाध्यक्ष सूरज सिंह चौहान के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने चौधरी अजीत सिंह के चित्र पर पुष्पमाल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।श्रद्धांजलि सभा के…

शोक सभाओं का दुर्भाग्यपूर्ण भव्यकरण

 – डॉ. प्रियंका सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसके उत्सवों से नहीं, बल्कि उसके शोक से होती है। समाज दुःख को किस तरह ग्रहण करता है, उसे किस गरिमा और संवेदनशीलता के साथ व्यक्त करता है—यही उसकी मानवीय परिपक्वता का पैमाना है। दुर्भाग्यवश, आज हमारा समाज इस कसौटी…

एप्सटिन फ़ाइल्स : शर्म, सन्नाटा और हमारी सामूहिक विफलता

(सत्ता-संरक्षित अपराधों के सामने समाज, मीडिया और न्याय की सामूहिक परीक्षा)  — डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। इतिहास के कुछ क्षण ऐसे होते हैं जब सभ्यता अपने ही आईने में झाँकने से डरने लगती है। आज हम ठीक उसी मोड़ पर खड़े हैं। जिन कांडों का खुलासा हो रहा है—जिनके वीडियो, दस्तावेज़ और…

प्रकृति, पैसा और स्वास्थ्य: एक संतुलित दृष्टि

– डॉ० प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। आज के दौर में स्वास्थ्य को लेकर हमारी सोच तेजी से बदली है। आधुनिक जीवनशैली, तकनीक, महंगी चिकित्सा सुविधाएँ और बढ़ती आय ने यह विश्वास पैदा कर दिया है कि पैसा ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है। बड़े शहरों में रहने वाला व्यक्ति मानता है कि…

पांचाल पुरुष स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने वालों की उमडी भीड : भावुक हुआ जनसमूह

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। पांचाल पुरुष, भाजपा के वरिष्ठ नेता और यूपी की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी ‘चाचा जी’ की पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। पांचाल घाट स्थित उनकी प्रतिमा पर उनके छोटे पुत्र प्रियांक दत्त द्विवेदी,…