गुरु नानक जयंती : सत्य, सेवा और समानता का मार्ग 

गुरु नानक देव जी की जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता के सार्वभौमिक मूल्यों की पुनर्स्मृति है। सत्य, करुणा, समानता और सेवा उनके जीवन के आधार स्तंभ थे। आज जब समाज विभाजन, भेदभाव और स्वार्थ की दीवारों में उलझा है, तब गुरु नानक के उपदेश हमें यह सिखाते हैं कि ईश्वर की प्राप्ति…

डंकी रूट से लूट : युवाओं के सपनों की तस्करी

विदेश में सुनहरे भविष्य के लालच में, भारतीय युवा अवैध रास्तों के शिकार बन रहे हैं। एजेंटों का यह नेटवर्क न केवल कानून तोड़ रहा है, बल्कि परिवारों की उम्मीदों और देश के भविष्य को भी चुरा रहा है।  ‘डंकी रूट’ एक अवैध प्रवासन मार्ग है, जिसके ज़रिए भारतीय युवा बिना वीज़ा या वैध दस्तावेजों…

कन्नौज : आईआईटी कानपुर के विदेशी प्रशिक्षुओं ने किया एफएफडीसी का भ्रमण

बृजेश चतुर्वेदी कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के अन्तरर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एग्रीकल्वरल प्रैक्टिस यूजिंग ड्रोन्सः प्लान, डिजाइन, बिल्ड एण्ड पलाई ट्रेनिंग के तहत 14 सदस्यीय दल, जिसमें 10 अन्तर्राष्ट्रीय प्रशिक्षणार्थी 04 प्रवक्ता /अधिकारी शामिल थे, द्वारा एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम सुगन्ध एवं सुरस विकास केन्द्र (एफएफडीसी), कन्नौज में सम्पन्न हुआ। प्रोफेसर डा०…

मेहनत, माटी अर मान — यही सै हरियाणा की पहचान

(हरियाणा — जां कर्म, धर्म अर हौंसले का परदेश सै, छोरियां तै लेकर खेतां तक — हरियाणा चमक रया सै)  हरियाणा दिवस कोई सिरफ दिन ना सै, ये तो माटी का त्योहार सै — जिथे मेहनत ने भगवान माना जावै, अर पसीना इज्जत बन जावै। खेतां तै अखाड़ां तक, छोरे-छोरियां देश का नाम ऊंचा कर…

‘हरयान’ या ‘हरियान’ शब्द से नहीं, ‘अहिराणा’ शब्द से हुई है ‘हरियाणा’ की व्युत्पत्ति : डॉ. रामनिवास ‘मानव’

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। *(डॉ. रामनिवास ‘मानव’ हरियाणा के जाने-माने साहित्यकार और शिक्षाविद् होने के साथ-साथ हरियाणा के समकालीन हिंदी-साहित्य के प्रथम शोधार्थी और अधिकारी विद्वान भी हैं। ‘हरियाणा में रचित सृजनात्मक हिंदी-साहित्य’ पर पीएचडी और ‘हरियाणा में रचित हिंदी-महाकाव्य’ विषय पर डीलिट् की उपाधि प्राप्त करने वाले डॉ. ‘मानव’ हरियाणा के प्रथम और ये…

किताबें उधार नहीं, अनुभूति होती हैं

(जब समाज सेवा की शुरुआत दूसरों की अलमारी से होती है, तो किताबें वस्तु बन जाती हैं, अनुभूति नहीं।)  किताबों का रिश्ता सिर्फ़ कागज़ और अक्षरों का नहीं होता, यह मन और आत्मा का संवाद है। आज जब लोग समाज सेवा या मित्रता के नाम पर किताबें माँगते हैं, तो यह सवाल उठता है —…

शिक्षक नौकरी छोड़ रहे हैं – एक कड़वा सच

– क्योंकि शिक्षक को शिक्षण कार्य नहीं करवा कर एक बहुद्देशीय कर्मचारी बना दिया गया है। जब शिक्षक को शिक्षण कार्य छोड़कर काग़ज़ों, रिपोर्टों और आयोजनों का भार दे दिया जाता है, तो शिक्षा अपनी आत्मा खो देती है।  – डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। देश की शिक्षा व्यवस्था एक ऐसे दौर से गुजर…

फूहड़ शब्दों का ग्लैमर और वर्चुअल समाज की विडंबना

(भाषा के पतन से लोकप्रियता के उत्कर्ष तक की कहानी)  सोशल मीडिया पर अब केवल तस्वीरें या वीडियो नहीं, शब्द भी बिकने लगे हैं। फूहड़ता और अपशब्दों ने अभिव्यक्ति की मर्यादा को पीछे छोड़ दिया है। लाइक, कमेंट और शेयर की भूख ने भाषा को बाजार में बदल दिया है। समाज का वही वर्ग जो…

कथित रूप से ओयो होटलों के दुरुपयोग की शिकायतें तेज

बृजेश चतुर्वेदी कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। जनपद के तिर्वा, छिबरामऊ, सौरिख मार्ग, पाल चौराहा-रौनी रोड सहित कई इलाकों में ओयो ब्रांड के नाम पर संचालित कुछ होटलों के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन होटलों में संदिग्ध गतिविधियाँ देखी जा रही हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में असहजता का…

फ़ाइलों के बीच मरती संवेदनाएँ : नौकरशाही, सत्ता और संवेदनहीनता

जब शासन सेवा से अधिक अहंकार बन जाए — फ़ाइलों के बीच मरती संवेदनाएँ, सत्ता का चेहरा संवेदना का शून्य बनकर, लोकतंत्र को मशीन बना देता है जहाँ नियम ज़्यादा हैं और रिश्ते कम। – डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। हमारे समय की सबसे बड़ी त्रासदी यह नहीं है कि समाज अन्याय से…