बोतलबंद पानी का भारत : सार्वजनिक जल प्रशासन की गहरी विफलता

(भारत में पानी की प्यास केवल प्राकृतिक नहीं, बल्कि नीतिगत भी है।)  – डॉ. सत्यवान सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत में बोतलबंद पानी पर बढ़ती निर्भरता केवल उपभोक्ता व्यवहार में आए बदलाव की कहानी नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक जल प्रशासन में व्याप्त गहरी और बहुस्तरीय प्रणालीगत समस्याओं की ओर भी स्पष्ट संकेत…

होली दिलों को जोड़ने और दूरी को मिटाने का सबसे रंगीन मौका

रंग जो दिलों तक उतर जाएँ – डॉ. प्रियंका सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों के बहाने मन के भीतर जमी धूल को झाड़ने, रिश्तों में आई दरारों को भरने…

विदेश भेजने की होड़ और बदलती मानसिकता

( क्या सचमुच भारत में अवसर कम हैं या हम एक भ्रम में जी रहे हैं?)  – डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय समाज में एक नई प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है—बेटे-बेटियों को विदेश भेजने की होड़। कभी पढ़ाई के नाम पर, कभी नौकरी के नाम पर, तो कभी…

एसआईआर विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश : 10वीं का एडमिट कार्ड भी मान्य

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पहचान सत्यापन के लिए दसवीं का प्रवेश पत्र उत्तीर्ण प्रमाणपत्र के साथ मान्य होगा। हालांकि, यह केवल पूरक दस्तावेज होगा।पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर के मसले पर सुप्रीम…

विधायकों के टेलीफोन भत्ते : फिजूलखर्ची या जनसंपर्क की अनिवार्यता?

(जब 300–400 रुपये में अनलिमिटेड कॉल और डेटा संभव, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतना बड़ा भत्ता क्यों?)  -डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा और बहस का विषय रही हैं। वेतन और भत्तों का मूल उद्देश्य यह माना जाता है कि निर्वाचित प्रतिनिधि आर्थिक…

मोदीजी से राहुल गांधी का बडा सवाल : अमेरिका में टैरिफ पर रोक, क्या डील रद्द करेंगे पीएम?

 नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। एमपी के भोपाल में किसान महा-चौपाल में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर अमेरिकी ट्रेड डील, चीन सीमा विवाद और कॉर्पोरेट संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने नरवणे की किताब का हवाला देते हुए चीन घुसपैठ पर पीएम की चुप्पी पर सवाल उठाए। इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर कहा कि अमेरिका…

क्लिक के दलदल में फँसा समाज : गालियों से ग्रोथ, शोर से शोहरत

(जहाँ सच सन्नाटा है, तमाशा उत्सव है — क्लिक की संस्कृति में खोता हुआ समाज और डिजिटल मंच पर किनारे पड़ा विवेक) डॉ. सत्यवान सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। डिजिटल दुनिया कभी ज्ञान, संवाद और रचनात्मकता की प्रयोगशाला मानी जाती थी। यह विश्वास था कि इंटरनेट लोकतंत्र को मज़बूत करेगा, हाशिये पर खड़े लोगों…

दौलत की फाइलें, भरोसे के सवाल

(अधिकारियों की संपत्ति के खुलासे ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ी)  – डॉ. प्रियंका सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। हरियाणा के आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक होने के बाद एक बार फिर प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। जब जनता के सामने यह तथ्य…

आकर्षक विज्ञापन, चमकदार पैकेजिंग और भ्रामक दावे

(बदलते पोषण परिदृश्य में सूचित विकल्प का अधिकार)  – डॉ. सत्यवान सौरभ  नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत का पोषण परिदृश्य तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। लंबे समय तक सार्वजनिक नीति का केंद्र भूख, कुपोषण और खाद्य उपलब्धता रहा, परंतु आज देश दोहरे पोषण संकट का सामना कर रहा है। एक ओर बच्चों…

शादी की बदलती तस्वीर : दिखावे, अहंकार और टूटते रिश्ते

– डॉ० प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारतीय समाज में शादी केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं रही है, बल्कि इसे हमेशा से परिवार, समाज और संस्कारों से जुड़ी एक पवित्र संस्था माना गया है। विवाह को जीवनभर का साथ, सुख-दुख में एक-दूसरे का संबल और सामाजिक स्थिरता की आधारशिला समझा जाता रहा है।…