नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। एमपी के भोपाल में किसान महा-चौपाल में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर अमेरिकी ट्रेड डील, चीन सीमा विवाद और कॉर्पोरेट संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने नरवणे की किताब का हवाला देते हुए चीन घुसपैठ पर पीएम की चुप्पी पर सवाल उठाए। इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर कहा कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर रोक लगाई है, अब मोदी हिम्मत करें और डील रद्द करके दिखाएं।
मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित किसान महा-चौपाल में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कैबिनेट से बिना पूछे ट्रंप को फोन किया और ट्रेड डील कर डाली। उन्होंने देश के किसानों को बेच दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ पर रोक लगाई है, अब अगर मोदी में हिम्मत है तो वो ट्रेड डील रद्द करके दिखाएं। अपने भाषण में उन्होंने चीन के मुद्दे का भी जिक्र किया। किसान महा-चौपाल को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद पहला स्पीकर नेता प्रतिपक्ष होता है। ये हर साल होता है। देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया। मैंने बोलना शुरू किया तो मुझे रोका गया। मैंने नरवणे जी की किताब का जिक्र किया तो मुझे रोका गया। उन्होंने अपनी किताब लिखा है कि चीन के टैंक भारत की बाउंड्री में आ रहे थे तो उन्होंने राजनाथ सिंह को फोन किया, जिन्होंने जवाब नहीं दिया। राहुल ने कहा, इसके बाद नरवणे ने अजीत डोभाल को बताया, उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद जयशंकर को फोन किया और बताया कि चीन के टैंक अंदर आ रहे हैं मुझे क्या करना है, उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। वो सवाल इसलिए पूछ रहे थे क्योंकि चीन की सेना को जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री से पूछना पड़ता है।
कांग्रेस सांसद ने कहा, चीन की आर्मी अंदर आ रही थी और आर्मी चीफ को जवाब नहीं मिल रहा था। इसके बाद राजनाथ सिंह ने पीएम को फोन किया। रक्षा मंत्री से पीएम कहते हैं कि आर्मी चीफ को बताओ कि जो वो उचित समझें वो करें। आर्मी चीफ अपनी किताब में लिखते हैं, उस दिन मुझे देश के प्रधानमंत्री ने अकेला छोड़ दिया। आर्मी चीफ को जब ऑर्डर देने का समय आया तो हमारे पीएम गायब हो गए। ये तो शुरुआत थी। संसद में ये बोलने की मैं कोशिश कर रहा था, मुझे बोलने नहीं दिया गया। जैसे मैंने बोलना शुरू किया, पीएम ने अमित शाह की ओर देखा और वो खड़े हो गए, मुझे बोलने नहीं दिया गया।
4 महीने से समझौता क्यों रुका हुआ था?
राहुल गांधी ने कहा, मैं किताब लेकर पहुंचा तो कहा गया कि किताब को कोट नहीं कर सकते। मजे की बात ये है कि मैंने नरवणे जी की बात कर रहा था। बैकग्राउंड में एक चीज चल रही थी। 4 महीने के लिए भारत और अमेरिका का समझौता रुका हुआ था। क्यों रुका था? कृषि के मामले पर रुका था। सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियां सोया, कपास और मक्का हिंदुस्तान में बेच पाएं। कोई किसान भी नहीं चाहता। चार महीने चर्चा बंद थी। राहुल ने कहा, मैंने भाषण दिया, जिसमें मैं सिर्फ नरवणे जी की बात नहीं करना चाहता था। मैं दो-तीन चीजें और कहना चाहता था। मेरा भाषण खत्म होते ही शाम को पीएम मोदी ने बिना कैबिनेट से पूछे उसी दिन ट्रंप को फोन किया। ट्रंप ने ट्वीट किया और कहा कि मोदी ने मुझे फोन किया है और बताया कि डील साइन करने के लिए तैयार हूं। ये डील चार महीने रुकी थी, लोकसभा से मोदी भागकर गए, अगले दिन झूठा बहाना बनाया कि कांग्रेस पार्टी की महिलाएं उन पर हमला करना चाहती थीं। फिर ट्रंप को फोन लगाया। शिवराज चौहान से पूछिए ? क्या पीएम ने उनकी राय ली. उन्होंने ऐसा क्यों किया? एकदम से हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया। हमारा सारा का सारा डेटा अमेरिका को दे दिया?
मोदीजी से राहुल गांधी का बडा सवाल : अमेरिका में टैरिफ पर रोक, क्या डील रद्द करेंगे पीएम?

