सीमित संसार से असीमित कल्पना तक: बाल-पठन संस्कृति का संकट

-डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) एक समय ऐसा भी था, जब मुझे बाल-पत्रिकाओं के अस्तित्व की कोई जानकारी नहीं थी। यह जानना तो दूर, मुझे इस बात का आभास तक नहीं था कि विद्यालयी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अतिरिक्त भी बच्चों के लिए विशेष रूप से कुछ लिखा-पढ़ा जाता है। हमारे लिए पढ़ना केवल…

जाति व्यवस्था से ज्यादा हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है।

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) जाति आधारित व्यवसाय कोई समस्या नहीं है लेकिन एक व्यवसाय को हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है। हर पेशे का सम्मान होना चाहिए। महात्मा गांधी की “ब्रेड लेबर” (हर किसी को कुछ शारीरिक श्रम करना चाहिए) और “ट्रस्टीशिप” (पूंजीपतियों का समाज के प्रति ऋण) की अवधारणा इसी पर आधारित है। इससे…

एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

‘‘पश्चिम बंगाल की सीएम की पैरवी के बाद चुनाव आयोग को नोटिस‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष…

नरवणे की किताब को लेकर लोकसभा के अंदर व बाहर जारी रही तकरार

 नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) पूर्व सेना अधिकारी नरवणे की किताब को लेकर आज भी लोस के अंदर व बाहर सरकार व विपक्ष में तकरार जारी रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर जोरदार हमला किया।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीएम की लोस में आने की हिम्मत नहीं हो रही है। तो…

लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है पाकिस्तान का 27वां संशोधन

– डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) संवैधानिक संशोधन लोकतंत्र की आत्मा होते हैं, जो समय के साथ बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए ढांचे को लचीला बनाते हैं। लेकिन जब ये संशोधन सत्ता के संतुलन को बिगाड़ने का हथियार बन जाते हैं, तो वे लोकतंत्र को ही खोखला करने लगते हैं। पाकिस्तान की…

एपस्टीन फाइल्स: लोकतंत्र का आईना या सत्ता का कवर-अप?

(एपस्टीन का काला जाल: मोदी के नाम पर वैश्विक साजिश?) – डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की जा रही एपस्टीन फाइल्स केवल एक आपराधिक कांड का खुलासा नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक लोकतंत्रों की पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्ता-संरचना पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। जेफरी एपस्टीन—एक ऐसा नाम, जो…

पानी में घुलनशील उर्वरक : पर्यावरण के अनुकूल और फ़सल उत्पादकता में सुधार की कुंजी।

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) जल-घुलनशील उर्वरकों जैसे पर्यावरण के अनुकूल और कुशल उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने वाली नीतियों और सब्सिडी को मज़बूत किया जाना चाहिए। जल-घुलनशील उर्वरकों को अन्य टिकाऊ कृषि पद्धतियों, जैसे फ़सल चक्रण, कार्बनिक पदार्थ समावेशन और जल प्रबंधन तकनीकों के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए। जल-घुलनशील उर्वरक मक्का चारा उत्पादन में…

नागरिकों की निजता से खिलवाड़ बदार्शत नहीं : सुप्रीम कोर्ट

‘‘व्हाट्सऐप और मेटा को लगाई फटकार‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) सुप्रीम कोर्ट ने गोपनीयता नीति को लेकर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक और व्हाट्सऐप को मंगलवार को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां…

चुनाव आयोग से हमें न्याय नहीं मिला, हम जमीनी स्तर पर लड़ेंगे : ममता बनर्जी

‘‘चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद भड़कीं ममता‘‘‘‘मैंने इस तरह का आयोग पहले कभी नहीं देखा, वे बहुत अहंकारी हैं। वे ऐसे बात करते हैं जैसे वे जमींदार हों और हम नौकर हों।‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) चुनाव आयोग के साथ बैठक से निकलकर सीएम ममता बनर्जी ने कहा, उन्होंने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। मैंने…

नर्सरी से कॉलेज तक, एडमिशन की युद्धभूमि

(दाख़िले की दौड़ में बच्चों पर बढ़ता दबाव और प्रतिस्पर्धा) – डॉ० सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) आज शिक्षा का अर्थ सीखना नहीं, बल्कि साबित करना हो गया है। साबित करना कि बच्चा बेहतर है, तेज़ है, दूसरों से आगे है। और यह साबित करने की ज़िम्मेदारी बच्चे से ज़्यादा उसके माता-पिता के कंधों…