नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। दिल्ली में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया‘ गठबंधन द्वारा चुनाव आयोग तक निकाले गए विरोध मार्च को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने कहा कि यह मार्च एक “सोची-समझी रणनीति” के तहत देश में अराजकता फैलाने की कोशिश है।
धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा, “देश देख सकता है कि अगर कोई संविधान के खिलाफ काम कर रहा है, तो उसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है। कांग्रेस हर चुनाव में ईवीएम पर सवाल उठाती है, झूठ फैलाती है और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करती है।”
क्या है मामला?
विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची की गड़बड़ी और 2024 लोकसभा चुनाव में वोटर फ्रॉड के आरोपों के खिलाफ चुनाव आयोग से मुलाकात करने के लिए संसद भवन से म्ब्प् दफ्तर तक मार्च निकालने की कोशिश की। इस मार्च में राहुल गांधी (विपक्ष के नेता), प्रियंका गांधी, संजय राउत (शिवसेना न्ठज्), सागरिका घोष (टीएमसी) अखिलेश यादव (सपा प्रमुख) अन्य सांसद शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति मार्च निकालने पर सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया और उन्हें संसद मार्ग थाने ले जाया गया। राहुल गांधी ने कहा, “यह राजनीतिक लड़ाई नहीं है, यह संविधान बचाने की लड़ाई है। हम एक निष्पक्ष और साफ-सुथरी वोटर लिस्ट चाहते हैं।” प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, “सरकार डरी हुई है। ये डर की निशानी है।” अखिलेश यादव को बैरिकेड्स फांदते हुए देखा गया। उन्होंने नारा लगाते हुए कहा, “सरकार हमें रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।” सुप्रिया सुलेने कहा, “हम शांति से गांधीजी के रास्ते पर चलते हुए विरोध कर रहे हैं।”
संसद को लेकर धर्मेंद्र प्रधान का बयान
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि संसद में जब ऑपरेशन सिंदूर जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई, तब विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं था। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह सड़क की बजाय संसद में बहस करें। जहां विपक्ष इसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बता रहा है, वहीं सरकार इसे राजनीतिक नौटंकी और अराजकता फैलाने की योजना बता रही है। चुनाव आयोग तक मार्च के कारण पैदा हुई हलचल से एक बार फिर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
‘इंडिया‘ गठबंधन और सत्ता पक्ष आमने सामने : केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के चुनाव आयोग मार्च पर उठाए सवाल?

