बरेली की प्रेस कांफ्रेंस में असीम अरुण ने छोड़ा सियासी तीर, सपा ने रुख ही बदल दिया
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। यूपी में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार भारत निर्वाचन आयोग पर हमलावर हैं। अब भाजपा नेता भी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने लगे हैं। रविवार को मंत्री असीम अरुण ने बरेली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कन्नौज में वोट चोरी के आरोप लगाए।
असीम अरुण ने कहा, मैं कन्नौज से विधायक हूं। अखिलेश यादव वहां के सांसद हैं। इस लोकसभा चुनाव में कोई भी बूथ ऐसा नहीं बचा। जहां भाजपा के वोट न कटे हों। हर जगह 10 से 15 ऐसे वोटर मिले जिनके नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। जहां भाजपा समर्थकों के वोट काटे गए, वहीं अखिलेश यादव के वोट बढ़े हुए मिले।
मुझे नहीं पता कि पूरे प्रदेश में किसको कितना लाभ हुआ लेकिन कन्नौज में इसका सीधा फायदा अखिलेश यादव को हुआ। यह चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का बड़ा सबूत है। मैं मांग करता हूं कि वोटर लिस्ट का रिवीजन होना चाहिए।
नगर निगम और पंचायत की वोटर लिस्ट को एक किया जाए
असीम अरुण ने कहा- वोटर लिस्ट हमारी चुनाव प्रक्रिया की एक कमजोर कड़ी बनी हुई है। उसको दूर करने के लिए बिहार में एसआईआर के जरिए काम शुरू किया गया है। चुनाव आयोग ने सम्मेलन किया। जिसमें इस बात पर चर्चा हुई कि क्या आधार कार्ड से इसको जोड़ा जा सकता है। मेरी मांग है कि नगर निगम और पंचायत की अलग-अलग वोटर लिस्ट को एक किया जाए। उसे आधार कार्ड से जोड़ा जाए। इससे डुप्लीकेशन खत्म हो पाएगी।
मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस के लगभग फौरन बाद अखिलेश यादव ने ट्विट करके पूछा मंत्री जी का हलफनामा निर्वाचन आयोग को मिल गया क्या? चुनाव आयोग कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में हुई व्यापक गड़बड़ियों के बाद से ही लगातार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से गड़बड़ियों की शिकायत का हलफनामा मांगता रहा है। रविवार को भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राहुल से कहा सात दिन में शपथपत्र न दिया तो राहुल को देश से माफी मांगनी पड़ेगी।
मंत्री की बरेली में प्रेस कांफ्रेंस के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी कन्नौज के प्रवक्ता शकील अहमद ने एक बयान जारी कर कहा कि
माननीय मंत्री जी ने कम से कम यह तो स्वीकार किया कि लोकसभा में प्रत्येक बूथ पर 10 से 15 वोट काटे गए जो बीजेपी के फर्जी वोट थे। यदि इन्हीं फर्जी वोटों को माननीय अपनी कन्नौज विधान सभा से कम कर दें तो स्पष्ट हो जाता है कि मंत्री जी भी फर्जी वोटों से जीते थे। सच्ची जीत तो स्वर्गीय विधायक अनिल कुमार दोहरे की थी। इस स्वीकारोक्ति के बाद अब मानवता के आधार पर मंत्री जी को इस्तीफा दे देना चाहिए।
शकील ने कहा वहीं वह दूसरी तरफ समाजवादी सिपाहियों से अनुरोध करेंगे कि 2027 के चुनाव से पहले प्रत्येक बूथ पर अभियान चलाकर फर्जी वोटों को कटवाने का काम करें और जनपद की तीनों सीटों पर समाजवादी विधायक बनाकर अपने नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष को मजबूती के साथ उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएं।

