कन्नौज : मिघौली प्रधान के  वित्तीय अधिकार सीज़ और सचिव के निलंबन का आदेश

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। जिले में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं का हाल चाल जानने निकले  जिलाधिकारी ने अस्थाई गोशाला मिघौली का निरीक्षण किया, जहाँ मात्र 10 गोवंश पाए गए। गोशाला में चारे की खराब स्थिति, केयरटेकर की अनुपस्थिति, गाय के पैर का उपचार न होना तथा साफ-सफाई की स्थिति दयनीय पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने संबंधित सचिव को तत्काल निलंबित करने तथा ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने प्राचीन उधालक ऋषि आश्रम का विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्य तथा संत रविदास मिशन के अंतर्गत मिघौली में निर्माणाधीन नवीन जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान प्राचीन उधालक ऋषि आश्रम के विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों के निरीक्षण में जिला पर्यटन अधिकारी डॉ एम0 मकबूल ने जानकारी दी कि इस परियोजना की स्वीकृति मार्च 2024 में हुई थी, जिसमें ₹0.8537 करोड़ की लागत से यात्री विश्राम गृह, शौचालय, इंटरलॉकिंग पाथवे, स्टोन बेंच, डस्टबिन, साइनेज एवं सोलर लाइट आदि कार्य कराए जाने हैं। वर्तमान स्थिति में यात्री हॉल व शौचालय की छत ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, वहीं यात्री हॉल में पेंटिंग एवं एप्रोन कार्य प्रगति पर है तथा टॉयलेट ब्लॉक में प्लम्बिंग कार्य जारी है।

जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य को मई 2025 तक पूर्ण किया जाना था, परन्तु अब तक लगभग 80 प्रतिशत कार्य ही सम्पन्न हुआ है। अतः बिना किसी और देरी के शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। यात्री विश्राम गृह में खिड़कियों पर कांच के शीशे के स्थान पर पारदर्शी फाइबर सीट लगाई जाए। परिसर में ग्राउंड की इंटरलॉकिंग मजबूत व टिकाऊ होनी चाहिए। सोलर लाइट, ग्रेनाइट पत्थर एवं अन्य सभी कार्य मानक के अनुरूप किए जाएं। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ठेकेदार द्वारा किए गए 80 प्रतिशत कार्य का भुगतान भी समय से सुनिश्चित कराया जाए, जिससे शेष कार्य में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संत रविदास मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन नवीन जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, मिघौली के निरीक्षण में सिडको के सहायक अभियंता (ए0ई0) राज कपूर ने जानकारी दी कि ₹46 करोड़ की लागत से विद्यालय का निर्माण होना है। इसमें मुख्य भवन व मल्टीपरपज हॉल में भूतल की छत ढलाई 40 प्रतिशत तथा प्रथम तल की छत ढलाई 70 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है। चिनाई कार्य, फाउंडेशन एवं कॉलम फुटिंग प्रगति पर हैं। किचन एवं डाइनिंग ब्लॉक हेतु भूतल की चिनाई जारी है तथा प्रथम तल का स्लैब कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रधानाचार्य आवास की छत ढलाई पूर्ण कर चिनाई कार्य जारी है। आवासीय भवन (टाइप-1, 2, 3) में फाउंडेशन एवं साइट डेवलपमेंट कार्य प्रगति पर है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यह विद्यालय नवोदय विद्यालय की तर्ज पर कक्षा 6 से 12 तक के लिए बनाया जा रहा है। अभी बहुत कार्य शेष है और कार्य की प्रगति भी बेहद धीमी है, जिसे गति प्रदान करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए। निरीक्षण में अधोमानक ईंट का प्रयोग पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और चेतावनी दी कि यदि किसी प्रकार से घटिया सामग्री का प्रयोग पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, मिघौली का निरीक्षण करने पर साफ-सफाई अत्यंत खराब एवं केंद्र ताला बंद पाया गया। इस पर भी जिलाधिकारी ने अप्रसन्नता व्यक्त की और आवश्यक सुधार हेतु कठोर निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री वीर सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।