इटावा के अधीक्षण अभियंता निलंबित, आगरा से संबद्ध : एक फर्म को लाभ पहुंचाने का आरोप

बृजेश चतुर्वेदी

‘‘हमारे खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे झूठी शिकायत पर आधारित हैं।‘‘
इटावा। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। विद्युत विभाग में टेंडर प्रक्रिया को लेकर हुए घोटाले में कार्रवाई हुई है। इटावा विद्युत वितरण खंड के अधीक्षण अभियंता मनोज गौड़ को नियमों की अनदेखी और अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा) के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया।
इटावा जिले के भरथना निवासी विजय राम यादव ने विभाग के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया गया कि अधीक्षण अभियंता, संविदा कर्मी मुकेश सविता और अनुज भदौरिया ने मिलकर निविदा प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की। एक ही फर्म को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा। शिकायत में कहा गया, फर्म के चरित्र प्रमाण पत्र के स्थान पर केवल आवेदन फार्म संलग्न किया गया। अन्य फर्मों को जानबूझकर अयोग्य घोषित कर दिया गया। कुल 17 टेंडरों की जांच हुई थी। आरोपित टेंडर 9 दिसंबर 2024 को प्रकाशित हुए थे।
शिकायतकर्ता ने पत्र मुख्यमंत्री और ऊर्जा विभाग तक भेजा था।
जांच टीम की अगुवाई निगम के तकनीकी निदेशक ने की। इस शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रबंध निदेशक ने 21 अगस्त 2025 को जांच समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
प्रबंध निदेशक का आदेश
रिपोर्ट मिलने के बाद प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने आदेश जारी कर मनोज गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर आगरा से संबद्ध कर दिया। इस कार्रवाई का असर विभागीय गलियारों में साफ नजर आ रहा है। अधिकारी और कर्मचारी अब टेंडर प्रक्रिया को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मामला अकेला नहीं है। निगम के कई मंडलों में टेंडर प्रक्रिया में धांधली की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। लेकिन इस बार कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि शीर्ष स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश हो रही है।
अधीक्षण अभियंता की सफाई
निलंबित अभियंता मनोज गौड़ का कहना है कि उन्होंने सभी कार्य नियमानुसार किए थे। उनके अनुसार, उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे झूठी शिकायत पर आधारित हैं। उनका कहना है कि उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में किसी भी फर्म का पक्ष नहीं लिया और निष्पक्षता से काम किया।