भाजपा विधायक की मांग के बाबजूद नहीं हुई कार्रवाई : बिरसिंहपुर अस्पताल के प्रभारी सीएमएस पर प्रशासन ढीला

“अर्थी सरकार और योगी की निकालिए।” प्रभारी सीएमएस का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल‘‘
‘‘औपचारिक जांच कर लौट गए एडी‘‘
लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।
यूपी के सुल्तानपुर जिले के बिरसिंहपुर अस्पताल के प्रभारी सीएमएस पर लापरवाही के आरोपों के दो दिन बीतने के बाद भी न तो विभागीय कार्रवाई हो सकी और न ही पुलिस केस दर्ज हुआ। यह स्थिति तब है जब भाजपा विधायक ने खुद जिले के जिम्मेदार अधिकारियों से इस मामले में वार्ता की थी। एडी स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचे तो औपचारिकता निभाकर वापस लौट गए। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल की बदहाल व्यवस्था के विरोध में पिछले तीन दिनों से आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन जारी है, फिर भी एडी ने प्रदर्शनकारियों से बात तक करना मुनासिब नहीं समझा।
अस्पताल की व्यवस्था चरमराई, डॉक्टर नदारद
दरअसल, बिरसिंहपुर अस्पताल में कुल 13 डॉक्टर तैनात हैं, जिनमें से आधे से अधिक अक्सर नदारद रहते हैं-यह आरोप प्रदर्शनकारियों ने लगाया है। मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं, जबकि अस्पताल की फार्मेसी में जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा भी केवल हफ्ते में एक दिन उपलब्ध है और वह भी ‘चेहरा देखकर’ किए जाने की बात लोग कह रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर शुक्रवार से आप कार्यकर्ता अस्पताल प्रांगण में धरने पर हैं।
सीएमएस का विवादित बयान वायरल
शनिवार को आप पार्टी के प्रवक्ता वंशराज दुबे ने प्रभारी सीएमएस डॉ. भास्कर से बातचीत में कहा कि “एक सप्ताह में समस्या का हल नहीं निकला तो सीएमएस और सीएमओ की अर्थी बाजार में निकालेंगे।” इस पर डॉ. भास्कर ने गैर-जिम्मेदाराना लहजे में जवाब देते हुए कहा-“अर्थी सरकार और योगी की निकालिए।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
भाजपा विधायक ने मांगी कार्रवाई, अफसरों ने दिखाया ढीलापन
वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने डीएम से प्रभारी सीएमएस को सस्पेंड करने और एसपी से मुकदमा दर्ज करने की मांग की। लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। रविवार को एडी स्वास्थ्य अयोध्या, डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान, जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने बंद कमरे में जांच की और मरीजों से बातचीत में यह माना कि दवाएं बाहर से खरीदी जा रही हैं, लेकिन मीडिया से ‘नो कमेंट’ कहकर लौट गए।
‘शर्म से सिर झुक गया’, बोले विधायक
एडी के आने से पहले विधायक राज प्रसाद ने फोन पर उनसे सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था, “इस घटना से हम सभी का सिर शर्म से झुक गया है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” इसके बावजूद कोई कदम न उठाया गया। इससे साफ है कि स्वास्थ्य विभाग का तंत्र ऊपर से नीचे तक बेलगाम हो चला है, जिस पर शासन स्तर से नकेल कसने की सख्त जरूरत है।