‘लखनऊ। (आवाज न्यूज ब्यूरो) सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बडा आरोप लगाया है। उन्होने एसआईआर के बहाने वोटर लिस्ट से नाम काटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कफ सिरप गिरोह को बचाने, खाद की कमी, बढ़ती बेरोजगारी और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव लंबे समय से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर एसआईआर को लेकर हमला बोल रहे हैं। अब एक बार फिर अखिलेश यादव ने एसआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह एसआईआर नहीं बल्कि एनआरसी है। ये लोग कल कौन से कागज मांगेंगे ये किसी को नहीं पता है। असल में चुनाव आयोग बीजेपी से मिला हुआ है। सपा नेता ने कहा कि नोटिस आज तक पहुंचे ही नहीं हैं और लोगों के वोट काट दिए जा रहे हैं। यह साजिश हो रही है। इसके जरिए पिछड़ों को धोखा दिया जा रहा है। न किसानों को खाद मिल रहा है और न बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है। चांदी को बीजेपी ने आज 2 लाख तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी स्टेडियम में प्रदूषण की वजह से मैच नहीं हो सका है। अखिलेश ने कहा कि ये वही स्टेडियम है जो हम लोगों ने बनवाया है। सरकार कफ सिरप गिरोह को बचाने के जुटी है। एसआईटी में तमाम वही लोग शामिल हैं जो माफिया पर कार्रवाई नहीं करेंगे। पीडीए समाज के लोगों पर बुलडोजर कार्रवाई होती है, ये कफ सिरप वाले इनके समाज के हैं तो सरकार का बुलडोजर कहां है?
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि 4 करोड़ वोट कट रहे हैं। ये एसआईआर के बहाने ही रणनीति बना रहे हैं और साजिश रच रहे हैं। एसआईआर नहीं ये एनआरसी है, ये काम चुनाव आयोग से करवा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कितने महीनों से किसान लाइनों में खड़ा है, खाद कहां है? आज किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। इसके बाद भी सरकार खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है। सरकार खाद पर जवाब देने से भाग रही है, इसलिये इन्हें वंदे मातरम् याद आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में कोडीन भैया खुलेआम घूम रहे हैं।
संजय निषाद पर क्या बोले अखिलेश
नीतीश कुमार ने जो किया उस पर संजय निषाद की टिप्पणी पर अखिलेश ने कहा कि जो हुआ है उसकी चर्चा पूरी दुनिया में है। यहां के मंत्री ने जो बोला उन्हें तो मुख्यमंत्री जी ने बोला होगा कि जाओ ऐसा बोलो जा कर आओ। तभी उन्होंने ऐसा बोला है।
ये एसआईआर नहीं बल्कि एनआरसी है : अखिलेश यादव

