लखनऊ में नहीं मिला एक भी घुसपैठिया : कई माह चलाया सघन चेकिंग अभियान

‘‘मेयर ने कहा था लखनऊ में दो लाख बांग्लादेशी और रोहिंग्या‘‘
लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  कई माह के सर्च ऑपरेशन के दौरान लखनऊ में पुलिस को एक भी बांग्लादेशी नहीं मिला। सत्यापन के दौरान ऐसा कोई व्यक्ति नहीं पाया गया, जो अवैध रूप से राजधानी आकर बसा हो। पुलिस ने सभी के दस्तावेज खंगाले हैं। ऑपरेशन अभी जारी है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था के अनुसार, शासन के निर्देश पर राजधानी के पांचों जोन में पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। अलग-अलग इलाकों में पुलिस टीम ने झुग्गी झोपड़ियों में जाकर छापा मारा था। इस दौरान वहां रहने वाले लोगों से उनका पहचान पत्र मांगा गया था। छानबीन में सामने आया कि झुग्गियों में रहने वाले ज्यादातर लोग असम के हैं। सभी ने वैध कागजात पुलिस को दिखाए हैं, जो सत्यापन में सही पाए गए। अभी तक कोई संदिग्ध या अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी नहीं मिला है। अभियान जारी है। कोई बांग्लादेशी मिलता है तो आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जाली आधार के साथ गिरफ्तार की गई थी महिला
हाल में ही ठाकुरगंज पुलिस ने एटीएस के इनपुट पर एक महिला को गिरफ्तार किया था। महिला के पास से जाली आधार कार्ड मिले थे। छानबीन में सामने आया था कि आरोपी महिला नरगिस ने अलग-अलग नाम से आधार कार्ड बनवाए थे। आरोपी बांग्लादेश से घुसपैठ कर भारत में दाखिल हुई थी। नरगिस ने दो शादियां की थीं। पुलिस ने नरगिस की मदद करने के आरोप में उसके साथी को भी गिरफ्तार किया था।
मेयर ने शहर में दो लाख संदिग्धों का किया था दावा
जनवरी 2025 में मेयर सुषमा खर्कवाल ने दावा किया था कि शहर में दो लाख संदिग्ध निवास कर रहे हैं। उनका कहना था कि ये सभी बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं। मेयर ने खुद गोमतीनगर इलाके में जाकर दस्तावेज खंगाले थे।
सक्रिय किए गए हैं मुखबिर तंत्र
बांग्लादेशियों की पहचान के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया है। खुफिया एजेंसी की भी मदद ली जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि असम से आकर काफी लोग लखनऊ में बस गए हैं। इन लोगों ने स्थानीय पते के आधार पर कागजात भी बनवा लिए हैं। कई तो स्थानीय निकाय के मतदाता भी हैं।
महापौर बोलीं- मुझे इसकी जानकारी नहीं
शहर में बांग्लादेशियों को लेकर चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने क्या जांच की है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। सर्च ऑपरेशन की जांच रिपोर्ट लेकर पुलिस आए, बताए कहां जांच की गई है, उसके बाद इस मुद्दे पर बात होगी।-सुषमा खर्कवाल, महापौर, लखनऊ