’नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुबई से ऑनलाइन माध्यम के जरिए ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अगर ईरान ने पहले से अधिक ताकतवर हमला किया तो अमेरिका “ऐसी ताकत से जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।”ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के सर्वाेच्च नेता अली खामनेई की मौत के बाद धमकियों और कथित साजिशों की खबरें सामने आ रही हैं।
ईरान का जवाब
तेहरान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने साफ कहा कि “कोई सीमित हमला जैसी कोई चीज नहीं होती “आक्रामकता, आक्रामकता ही है”। हमला मतलब हमला। हर देश को आत्मरक्षा का अधिकार है और हम निर्णायक जवाब देंगे।” ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल वार्ता में शामिल है। ईरान का कहना है कि वह दबाव में झुकने वाला देश नहीं है और “इतिहास में कभी आत्मसमर्पण नहीं किया।”
स्विट्ज़रलैंड में वार्ता
दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता 17 फरवरी को स्विट्ज़रलैंड में हुई थी, जिसमें ओमान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। अगला दौर गुरुवार को प्रस्तावित है, हालांकि अमेरिका की ओर से अभी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका की तरफ से ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकाफ और जारेड कुशनर शामिल हैं।
बढ़ता सैन्य तनाव
पिछले वर्ष जून में ईरान और उसके सहयोगी देश इजरायल के बीच 12 दिनों तक सैन्य झड़पें हुई थीं। अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। दिसंबर से ईरान में महंगाई और खाद्य कीमतों को लेकर प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए। मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए। ट्रंप ने 20 फरवरी को संकेत दिया था कि यदि परमाणु कार्यक्रम समेत कई मुद्दों पर समझौता नहीं हुआ तो वह “सीमित सैन्य कार्रवाई” पर विचार कर सकते हैं। अब सवाल यह है कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या पश्चिम एशिया एक और बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ रहा है?
ट्रंप की चेतावनी : हमले न बढ़ाए ईरान वर्ना…,तेहरान ने भी दिया सख्त जवाब-‘हम झुकने वाले नहीं’

