नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। इराकी कुर्दिस्तान की राजधानी एरबिल के पास स्थित एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर, जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है, अचानक धमाकों से गूंज उठा। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक कई ड्रोन और रॉकेटों की गतिविधियां दर्ज की गई। एयर-डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुआ। कुछ प्रोजेक्टाइल हवा में ही नष्ट किए गए। एयरपोर्ट के आसपास विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। अब तक एरबिल हमले में अमेरिकी हताहतों की कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद पूरे क्षेत्र में बदले की कार्रवाई तेज हो गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग पहले ही पुष्टि कर चुका है कि संघर्ष की अन्य घटनाओं में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए व 5 गंभीर रूप से घायल हुए। वॉशिंगटन ने संकेत दिए हैं कि सैन्य अभियान कई हफ्तों तक जारी रह सकता है। इससे यह आशंका गहराई है कि संघर्ष सीमित नहीं रहेगा।
आईआरजीसी पर वार और मिलिशिया का पलटवार
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई आईआरजीसी के ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद ईरान-समर्थित शिया मिलिशिया समूहों ने इराक और आसपास के इलाकों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी। अमेरिकी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि सैनिकों पर हमलों का “उचित और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा। इराकी कुर्दिस्तान प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। एरबिल एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बढ़ाया गया व उड़ानों पर अस्थायी असर की खबरें सामने आईं हैं। एरबिल हमले का अंतिम नुकसान और हताहतों का आधिकारिक ब्योरा अभी बाकी है। यदि हमले जारी रहे तो इराक और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा और कड़ी होगी। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल हालात शांत होने के संकेत कमजोर दिख रहे हैं।
ईरान का कुर्दिस्तान में अमेरिकी सैन्य बेस पर बड़ा हमला : धमाकों से गूंज उठा एरबिल एयरपोर्ट

