नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों का दबाव बढ़ता जा रहा है। ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों की 30 सितंबर को नई दिल्ली में बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर को लेकर उठे सवालों और विपक्ष की आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दल पिछले कुछ समय से इस मुद्दे पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं और चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त प्रतिक्रिया तैयार करने पर विचार कर रहे हैं।
यह बैठक ऐसे समय प्रस्तावित है जब चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने की अवधि में कम से कम 14 मौकों पर एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटा के केंद्रीय प्रबंधन जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया है।
चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को संस्थागत टकराव या असहमति मानने से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, प्रशासनिक सुझाव और आंतरिक टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा एसआईआर से जुड़े अंतिम फैसले आमराय से लिए गए।
कांग्रेस की 29 सितंबर को को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक
‘इंडिया’ गठबंधन की संभावित बैठक से एक दिन पहले, 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक होगी। इसमें एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर कांग्रेस की आगे की रणनीति तय की जाएगी। कांग्रेस पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना हमला तेज कर चुकी है। सीपीआई(एम), सीपीआई और सीपीआई(एमएल)-लिबरेशन ने भी ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर को तत्काल रोकने की मांग की है।
इस पूरे विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक असामान्य स्थिति भी पैदा की है। राज्य में लंबे समय से आमने-सामने रहने वाली ममता बनर्जी की टीएमसी और सीपीआई(एम) इस मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ एक साझा रुख की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। सीपीआई(एम) महासचिव एमए बेबी ने ‘इंडिया’ गठबंधन और अन्य विपक्षी नेताओं को बैठक के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद उन्होंने ममता बनर्जी से भी बातचीत की। रिपोर्ट के मुताबिक, ममता ने भी मौजूदा स्थिति में समन्वित कार्रवाई की जरूरत से सहमति जताई।
ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए फिर महाभियोग की तैयारी
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए एक और महाभियोग प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। इसे कानूनी विशेषज्ञों से जांच कराने के बाद संसद के दोनों सदनों में पेश किए जाने की संभावना है। यह विपक्ष की ओर से ऐसा तीसरा प्रयास होगा। इससे पहले 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने एसआईआर तथा चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश से भी संयुक्त रूप से संपर्क किया था। इससे संकेत मिलता है कि एसआईआर का मुद्दा अब केवल किसी एक राजनीतिक दल की आपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्षी दलों के बीच व्यापक समन्वय का विषय बन चुका है।
देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
चुनाव आयोग को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस ने 25 सितंबर को देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राज्य इकाइयों ने चुनाव आयोग के कार्यालयों की ओर मार्च किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उन्हें पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मणिपुर और पश्चिम बंगाल समेत कई जगहों पर हुए। दिल्ली में कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस ने चुनाव आयोग के कार्यालय और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाई। वहीं देश के दूसरे हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किए। असम के गुवाहाटी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान गोगोई ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद नागरिकों के मतदान अधिकार और मतदाता सूची की सुरक्षा से जुड़ा है।
अब नजर 29 और 30 सितंबर पर
इस घटनाक्रम में अगले सप्ताह की 29 सितंबर की कांग्रेस सीडब्लूसी बैठक और 30 सितंबर की संभावित ‘इंडिया’ गठबंधन बैठक महत्वपूर्ण हो गई हैं। विपक्षी दलों के सामने चुनाव आयोग और एसआईआर पर अपनी रणनीति को एकजुट करने, ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव पर आगे बढ़ने और संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को उठाने जैसे विकल्प हैं। वहीं चुनाव आयोग अपने फैसलों को वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप और संस्थागत विचार-विमर्श का परिणाम बता रहा है।
इस तरह एसआईआर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची, विपक्षी एकजुटता और संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग तक पहुंच गया है। 30 सितंबर की प्रस्तावित ‘इंडिया’ गठबंधन बैठक में इस पर विपक्ष का साझा रुख कितना स्पष्ट होता है, यह अगले चरण की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।
30 सितंबर को ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक : चुनाव आयोग विवाद और एसआईआर पर बनेगी रणनीति
