ईरान युद्ध के बीच भारत की सुरक्षित गैस सप्लाई : भारतीय एलपीजी जहाजों ने पार किया होर्मुज का खतरनाक रास्ता

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। दो भारतीय एलपीजी टैंकर जग बसंत और पाइन गैस ने सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। ये दोनों जहाज करीब 92,000 टन एलपीजी (रसोई गैस) लेकर भारत आ रहे हैं। इन पर कुल 60 से ज्यादा भारतीय नाविक सवार हैं, जिन्होंने बेहद संवेदनशील इलाके से सुरक्षित यात्रा पूरी की।
यह ट्रांजिट ऐसे समय में हुआ है जब मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है, जहां से तेल और गैस की बड़ी मात्रा में सप्लाई होती है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, ये जहाज 26 से 28 मार्च के बीच भारत पहुंच सकते हैं। इनका आना देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बताया गया है कि ये टैंकर उन 22 भारतीय जहाजों में शामिल थे जो मिडिल ईस्ट संकट के कारण फारस की खाड़ी में फंस गए थे।
अब धीरे-धीरे सभी जहाजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं, जो लगभग एक दिन की देश की गैस खपत के बराबर एलपीजी लेकर आए थे। सरकार ने साफ कहा है कि सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। जब तक सभी फंसे जहाज सुरक्षित नहीं निकल जाते, तब तक प्रयास जारी रहेंगे। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया है कि भारत के पास पर्याप्त तेल और गैस भंडार है और सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।