आगरा में ‘विजन इंडिया’ अभियान: भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति

लखनऊ।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )। समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बीजेपी के गढ़ आगरा में ‘विजन इंडिया’ अभियान के जरिए सेंध लगाने की कोशिश में है।
इसी के तहत सपा आज आगरा में ‘विजन इंडिया’ समिट का आयोजन करने जा रही है, जिसका विषय है.’छोटे कारोबारी-कारोबार क्यों हो रहे बर्बाद’। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है, जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दल अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अब ‘विजन इंडिया’ अभियान के जरिए बीजेपी के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। किसानों की समस्याओं के बाद अब वो छोटे कारोबारियों और लघु उद्यमियों की दुखती रंग पर हाथ रखने जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी आज ( रविवार, 14 जून) आगरा में ‘विजन इंडिया’ समिट का आयोजन करने जा रही है, जिसका विषय है। ’छोटे कारोबारी-कारोबार क्यों हो रहे बर्बाद’। यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि आगरा सहित समूचे ब्रज क्षेत्र को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है।
पिछले दो लोकसभा चुनावों में आगरा की सभी 9 विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा रहा है। आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीटें भी बीजेपी के पास हैं। सपा यहां एक भी सीट नहीं जीत पाई है। मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस और अलीगढ़ जैसे जिलों की अधिकांश विधानसभा सीटों पर भी बीजेपी का दबदबा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जीएसटी व्यवस्था, ऑनलाइन कारोबार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आगरा जैसे शहरों की अनदेखी जैसे मुद्दों को लेकर छोटे व्यापारियों और लघु उद्यमियों में काफी असंतोष है, सपा इन्हीं मुद्दों को उठाकर व्यापारी वर्ग में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। ताकि आगामी चुनाव में उसे इनका साथ मिल सके।
विजन इंडिया अभियान क्या है?
अखिलेश यादव ने पिछले साल ‘विजन इंडिया’ अभियान की शुरुआत की थी। इसका मकसद युवा पीढ़ी को जोड़ना और पार्टी की विचारधारा को दूसरे राज्यों तक पहुंचाना है। उन्होंने ‘पीडीए’ को नई परिभाषा देते हुए इसे ‘प्लान, डेवलेपमेंट एंड एसेंट’ कर दिया है। अभियान के तहत पहले बेंगलुरु, हैदराबाद, भुवनेश्वर और जयपुर में अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश में अप्रैल में गाजियाबाद में ‘किसानों क्यों परेशान’ विषय पर पहला समिट हुआ था, आगरा कार्यक्रम इस सीरीज का दूसरा आयोजन है। इससे पहले अखिलेश यादव ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी मुहिम तेज करते हुए नोएडा में रैली की और गाजियाबाद में किसान समिट का आयोजन किया था। आगरा कार्यक्रम को सपा की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह बाजेपी के कोर वोट बैंक यानी व्यापारियों और युवाओं को लक्षित कर रही है, अगर सपा इस वर्ग में कुछ हद तक भी असंतोष को भुनाने में कामयाब होती है तो 2027 के विधानसभा चुनाव में ब्रज क्षेत्र में समीकरण बदल सकते हैं। अखिलेश यादव अब आगरा में छोटे कारोबारियों से सीधे संवाद करेंगे और उनके मुद्दों को पार्टी के एजेंडे में शामिल करने का वादा करेंगे।