कन्नौज: जल जीवन मिशन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जनसहभागिता पर जोर

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जल जीवन मिशन की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्धता एवं जनसहभागिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं जीवीपीआर एवं वीएसए को निर्देशित किया कि ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल अभिलेखों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्यक्ष लाभ आमजन को दिखाई देना चाहिए। प्रत्येक गांव में कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो तथा लोगों का विश्वास योजनाओं के प्रति मजबूत हो।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘जल सारथी’ मोबाइल एप को अधिक से अधिक डाउनलोड कर उसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। जल मित्र, ग्राम सचिव, लेखपाल, पंचायत सहायक सहित सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मोबाइल में यह एप अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। इस एप के माध्यम से ग्राम पंचायतवार पेयजल योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, जिसमें पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंप हाउस निर्माण, घर-घर नल कनेक्शन, परियोजना की प्रगति एवं समयसीमा की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इससे योजनाओं की निगरानी अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी होगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को अधिक से अधिक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के शासन के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।

उन्होंने बताया कि जीवीपीआर एवं वीएसए के अतिरिक्त एक अन्य कार्यदायी संस्था हेतवी को जनपद में पुरानी पेयजल टंकियों के मरम्मत एवं पुनर्स्थापन का कार्य सौंपा गया है। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विकास खण्डों में मरम्मत योग्य टंकियों का सर्वे कर उनकी सूची शीघ्र कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराएं, ताकि कार्य में किसी प्रकार की विलंब न हो।

जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में निर्माणाधीन जल जीवन मिशन परियोजनाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हो तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी तिर्वा को निर्देश दिए कि अन्नपूर्णा मंदिर तिर्वा में मेले के दौरान अवैध ऑटो स्टैंड संचालित कर की गई अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिना अधिकृत व्यवस्था के किसी भी प्रकार की अवैध वसूली अथवा अराजक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों पर ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए, जिससे जनपद की सकारात्मक छवि बनी रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, उप जिलाधिकारी तिर्वा सुश्री वैशाली, प्रभारी जिला विकास अधिकारी राजकुमार लोधी, परियोजना निदेशक डीआरडीए रामऔतार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।