एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप से मैने विदेश में की पढाई : अभिजीत पिदके

‘‘आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा उनकी विदेश शिक्षा की फंडिंग की जांच की मांग पर किया खुलासा’’
नई दिल्ली।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। 
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी विदेश शिक्षा के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब दिया है। दिपके जून में भारत लौटे थे और इसके बाद उन्होंने देश के बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक का नेतृत्व किया। उन्होंने अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित बोस्टन युनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की।
दिपके ने एक इंटरव्यू में कहा,“मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली थी और बाकी खर्चों के लिए मैंने एजुकेशन लोन लिया था। मुझे वह लोन चुकाना है।” उन्होंने फंडिंग से जुड़ा एक स्कॉलरशिप दस्तावेज भी साझा किया। दस्तावेज के अनुसार, बोस्टन यूनिवर्सिटी ने उन्हें डीन स्कॉलरशिप के तहत प्रति सेमेस्टर 12,500 डॉलर दिए। तीन सेमेस्टर में यह राशि कुल 37,500 डॉलर थी। यह बयान गुजरात के एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा उनकी विदेश शिक्षा की फंडिंग की जांच की मांग किए जाने के बाद आया। दिपके का जवाब गुजरात के एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा उनकी विदेश में शिक्षा के लिए धन जुटाने के बारे में जानकारी मांगे जाने के बाद आया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन की फंडिंग पर बोले दिपके
दिपक ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों के दौरान और भविष्य में सीजेपी के वित्तपोषण के बारे में भी बताया। बरखा दत्त से बात करते हुए दिपके ने कहा, हम क्राउडफंडिंग के माध्यम से धन जुटाएंगे, और साथ ही यह भी कहा कि सीजेपी इस बारे में पारदर्शी रहेगी। दिपके ने यह भी दोहराया कि लोग स्वयं जंतर-मंतर पर भोजन वितरित करने आए थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के निचले स्तर के अधिकारी भी विरोध प्रदर्शन के प्रति सहानुभूति रखते थे। उन्होंने कहा, मैं आपसे झूठ नहीं बोलूंगा, तीन लोग मास्क से ढके हुए हमारे पास आए और उन्होंने कहा कि वे विरोध प्रदर्शनों के लिए आभारी हैं। निचले रैंक के अधिकारी हमारे प्रति सहानुभूति रखते थे, उच्च रैंक के अधिकारी गृह मंत्रालय से आदेश ले रहे थे।