लखनऊ।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की अंतिम बड़ी कवायद अगले माह से शुरू होगी। एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) के बाद अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराया जाएगा। अभियान में भी बीएलओ घर-घर जाकर नाम जोड़ने व हटाने के लिए आवश्यक फॉर्म भरवाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के बाद जनवरी में अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
एसआईआर के बाद फाइनल मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी की गई थी। इसमें कुल 13.39 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। इसी महीने केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से पुनर्विभाजन सूची जारी होने के बाद एसएसआर शुरू होगा। एसएसआर के तहत सबसे पहले मसौदा सूची जारी किया जाएगा। इस अभियान के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृतक और अनुपस्थित मतदाताओं को चिह्नित करेंगे। मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 भरवाएंगे। नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 और किसी तरह के संशोधन या विधानसभा क्षेत्र परिवर्तन के लिए फॉर्म 8 भी लेंगे। यह पूरी प्रक्रिया मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल्स-2023 के तहत पूरी होगी। दावों और आपत्तियों का निस्तारण भी इसी मैनुअल के अनुसार होगा। आयोग के सूत्रों के मुताबिक, एसएसआर की प्रक्रिया सितंबर में प्रारंभ होने की संभावना है। इसके लिए 30-40 दिन का समय निर्धारित होगा। इसके तहत शनिवार और रविवार को विशेष अभियान भी चलेंगे जिसमें प्रत्येक बीएलओ सभी तरह के फॉर्म व मतदाता सूची लेकर मतदान केंद्र पर उपस्थित रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) भी अभियान की निगरानी करेंगे। प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची 7 जनवरी 2022 को प्रकाशित हुई थी। 8 जनवरी 2022 को चुनाव की घोषणा हुई थी और 14 जनवरी 2022 को प्रथम चरण का नामांकन शुरू हुआ था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार स्पष्ट कर चुके हैं कि इस बार भी यूपी में विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे। इसलिए माना जा रहा है कि जनवरी के प्रथम सप्ताह में इस बार भी अंतिम मतदाता सूची आ जाएगी।
यूपी में एसआईआर के बाद अब एसएसआर: विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने की बड़ी कवायद

