नई दिल्ली।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। सीजेपी प्रोटेस्ट में शामिल रहीं निशु आजाद के पिता पर प्रदर्शन के दौरान हमला करने के आरोपित स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया है। उसे दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हंगामे के बाद हिरासत में लिया है। मामला एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद चर्चा में आया, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर निशु के पिता का सिर फोड़ने का दावा किया था।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा दबाव
वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले को लेकर कथित तौर पर बयान देते नजर आए। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्हें 60 टांके लगे। वीडियो में भारद्वाज ने यह भी कथित तौर पर कहा कि गंभीर आरोपों के बावजूद उन्हें जेल नहीं भेजा गया और वह रातभर बाहर रहे। इसके बाद सीजेपी, जिसने जंतर-मंतर पर जुलाई में प्रदर्शन आयोजित किया था, ने आरोपित के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।
सौरव दास ने पुलिस से रखीं कई मांगे
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि निशु आजाद के पिता संजय कुमार के मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर संगठन ने पुलिस के सामने कई मांगें रखीं। उन्होंने सवाल उठाया कि संजय कुमार के सिर में गंभीर चोट लगने के बावजूद मामले में हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 307 क्यों नहीं लगाई गई। सौरव दास ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कथित तौर पर हत्या के प्रयास से जुड़ा दावा किया था। इसे लेकर सीजेपी ने मामले में धारा 308 लगाने की मांग भी की। संगठन ने दलित परिवार से जुड़े मामले में एससी-एसटी एक्ट के प्रविधानों को लागू करने और आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी कानूनी टीम भेजी, जबकि सीजेपी के वकील भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त डीसीपी से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की। सौरव दास के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से आरोपित को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का आश्वासन दिया गया।
पुलिस ने कहा था, झड़प में लगी थी चोट
विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि 38 वर्षीय संजय कुमार को झड़प के दौरान सिर पर चोट लगी थी। पुलिस ने यह दावा खारिज किया था कि उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ था। इस मामले ने तब और राजनीतिक तूल पकड़ लिया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने निशु आजाद के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निशु और उनके परिवार को दलित होने के कारण भी निशाना बनाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने जताया समर्थन
राहुल गांधी ने निशु के वीडियो को साझा करते हुए कहा कि वह अकेली नहीं हैं और उनकी लड़ाई में उनका साथ दिया जाएगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी जवाबदेही की मांग की। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और निशु के पिता पर हमला करने के आरोपित के खुले घूमने के मामले में जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने आरोपित को राजनीतिक संरक्षण मिलने का भी आरोप लगाया। अब स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिए जाने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
पुलिस ने बुलंदशहर से दबोचा स्वतंत्र भारद्वाज, सीजेपी प्रोटेस्ट में निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ने का आरोप
