बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो) । आज छिबरामऊ तहसील परिसर में एक दिवसीय विशेष प्री-कैंप शिविर का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। आगामी 01 नवंबर को जनपद स्तर पर आयोजित होने वाले अभूतपूर्व ‘वृहद/मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर’ की पूर्व तैयारी के रूप में लगाए गए इस कैंप में ग्रामीणों का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के सबसे गरीब, वंचित और अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के सीधा पहुंचाना है।
छिबरामऊ तहसील परिसर में आयोजित इस विशेष शिविर में राजस्व, समाज कल्याण, प्रोवेशन कार्यालय, स्वास्थ्य और बाल विकास सहित तमाम प्रमुख प्रशासनिक विभागों ने अपने-अपने विशेष स्टॉल लगाए। शिविर के दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने
वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन योजना,
नए आयुष्मान भारत (स्वास्थ्य बीमा) कार्ड निर्माण, नए राशन कार्ड की स्वीकृति एवं त्रुटि संशोधन, शासकीय आर्थिक सहायता योजनाओं से जुड़े अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इन सभी आवेदनों की विभागीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों द्वारा मौके पर ही जांच कर ऑन-स्पॉट भौतिक सत्यापन की कार्रवाई पूरी की गई। शिविर का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पौमेला श्रीवास्तव ने एक-एक स्टॉल का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने दूर-दराज के गांवों से आए बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। काउंटर पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़े निर्देश देते हुए सचिव ने कहा, “इस प्री-कैंप में आए हर एक आवेदन की प्री-स्क्रीनिंग और पात्रता की जांच पूरी पारदर्शिता व गंभीरता से की जाए। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि 01 नवंबर के मुख्य मेगा शिविर में कोई भी वास्तविक पात्र व्यक्ति लाभ पाने से छूटने न पाए।”
सचिव पौमेला श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि आज छिबरामऊ प्री-कैंप में जितने भी आवेदन प्राप्त और सत्यापित किए गए हैं, उन सभी पात्र लाभार्थियों को स्वीकृत पत्र, प्रमाण पत्र एवं सहायक व अनुवांशिक उपकरणों का आधिकारिक वितरण 01 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले मुख्य जनपद स्तरीय मेगा शिविर में किया जाएगा। उन्होंने छिबरामऊ क्षेत्र की सम्मानित जनता से इस महाकुंभ का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने का आह्वान किया।
शिविर में तहसील प्रशासन के आला अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय कानूनगो और लेखपालों के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालंटियर्स ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
