नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के जन-महाभियोग कार्यक्रम में प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और जनता का मतदान का अधिकार खतरे में है। खरगे ने कहा कि उनका मुख्य चुनाव आयुक्त से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है, बल्कि विपक्ष निष्पक्ष चुनाव चाहता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और सत्ता में बने रहने के लिए राजनीतिक हथकंडे अपनाने का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की। खरगे ने विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर मतदाता सूची से योग्य नागरिकों के नाम काटे जाने का मुद्दा भी उठाया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी नागरिक को मतदान से रोकना लोकतंत्र पर चोट है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई और कहा कि विपक्ष के महाभियोग संबंधी नोटिस लोकसभा अध्यक्ष तथा राज्यसभा के सभापति द्वारा स्वीकार नहीं किए गए हैं। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के कानून के जरिए चुनाव आयुक्तों को विशेष कानूनी सुरक्षा दी गई है। वहीं, भाजपा ने विपक्ष के जन-महाभियोग कार्यक्रम पर पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक दिखावा बताया।
इंडिया गठबंधन ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने की तैयारी की है, जिसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल होंगे। विपक्ष का कहना है कि यह आंदोलन लोकतंत्र, संविधान और जनता के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
इंडिया गठबंधन के जन-महाभियोग प्रस्ताव से मची सियासी हलचल: ज्ञानेश कुमार पर खरगे का बड़ा हमला!
