लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रुख से सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के जेल के सफर में एक और अध्याय जुड़ने के संकेत मिल रहे हैं। शनिवार शाम जेल से बाहर कदम रखते ही ईडी टीम उन्हें हिरासत में लेकर गाजियाबाद रवाना हो गई। ईडी टीम ने गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया। यहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
करीब साढ़े छह साल के भीतर अलग-अलग मामलों में आजम खां तीन बार जेल जा चुके हैं। इन जेल यात्राओं के बीच आजम खां का पांच साल से ज्यादा का समय (पांच साल एक महीना 13 दिन) जेल में गुजरा है। अब एक बार फिर से उन्हें रविवार को न्यायिक हिरासत में चैथी बार जेल भेज दिया गया है। आजम खां के खिलाफ मुकदमों का दौर 2019 में शुरू हुआ था, जबकि पहली बार जेल जाने की नौबत 26 फरवरी 2020 को आई थी। उस समय बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र समेत कई मामलों में वांछित होने पर उन्होंने पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर की अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में सीतापुर जेल भेजा गया था। उस वक्त दो साल से ज्यादा (करीब 27 महीने) जेल में रहने के बाद 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर उनकी रिहाई हुई थी। इसके करीब डेढ़ साल बाद 18 अक्तूबर 2023 को आजम खां को दूसरी बार जेल जाना पड़ा। मामला अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्रों का ही था। तब सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आजम खां, उनकी पत्नी तजीन फात्मा और बेटे को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस पर तीनों को जेल भेजा गया था। बाद में तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम को जमानत मिल गई थी लेकिन आजम खां को जेल में ही रहना पड़ा था। करीब 23 महीने बाद 23 सितंबर 2025 को उन्हें जेल से रिहाई मिली थी। तीसरी बार 17 नवंबर 2025 को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में आजम खां जेल भेजे गए। तब रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो पैनकार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस पर पिता-पुत्र जेल भेजे गए थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम आजम खां जेल से बाहर आए तो गेट पर मौजूद ईडी टीम उन्हें हिरासत में लेकर गाजियाबाद चली गई। इसके चलते 11 महीने 14 दिन बाद जेल से रिहाई के बाद भी वह अपने घर की सूरत नहीं देख सके। जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल जैसे आरोपों में ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत उन पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। अब तक तीन बार जेल जा चुके आजम खां के साथ यह पहला मौका है जबकि जेल से बाहर निकलते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
आपातकाल में भी जेल गए थे
सपा नेता आजम खां इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते देश में प्रभावी हुए आपातकाल के दौरान भी जेल भेजे गए थे। आपातकाल का विरोध करने के कारण उन्हें करीब 19 महीने जेल में बिताने पड़े थे।
आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को रविवार को विशेष पीएमएलए अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा होते ही गिरफ्तार किया था। मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ा है। ईडी की टीम रविवार सुबह करीब 10:30 बजे आजम खान को पांच गाड़ियों के काफिले में विशेष पीएमएलए अदालत लेकर पहुंची। अदालत परिसर में पहुंचने पर आजम खान शांत नजर आए। मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा, क्या रह गया है बोलने को। ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामले में आजम खान से पूछताछ की थी, उसके बाद रविवार को अदालत में पेश किया था। आजम खान शनिवार शाम करीब सात बजे बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए थे। दो पैन कार्ड के मामले में 29 अक्तूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से 10 साल की सजा निलंबित होने के बाद उनकी रिहाई हुई थी। हालांकि, जेल से बाहर आते ही ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जेल से बाहर कदम रखते ही आजम खां को ईडी ने किया गिरफ्तार : 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल
