नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक कुनबे में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। चुनाव से पहले हर मुद्दे पर ट्रंप के साथ खड़े नजर आने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अब ईरान युद्ध को हार की सबसे बड़ी वजह बता रहे हैं। दूसरी तरफ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को लेकर पार्टी के भीतर विरोध बढ़ रहा है। उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर अगले सप्ताह सदन में मतदान कराने की तैयारी है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के भीतर जवाबदेही और नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वेंस ने हार के लिए सीधे तौर पर ट्रंप को घेरा
मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद जेडी वेंस का बदला हुआ रुख सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबी पोस्ट लिखकर रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए सीधे तौर पर ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। वेंस ने कहा कि पार्टी की हार की वजह युद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई यह तर्क देना चाहता है कि ईरान युद्ध इसके राजनीतिक नुकसान के बावजूद जरूरी था, तो उसे इसका जवाब देना चाहिए। वेंस के मुताबिक, युद्ध समाप्त करने की उनकी पहले की सलाह सही थी। उनका यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि फरवरी में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल का संयुक्त सैन्य अभियान शुरू होने के बाद वेंस प्रशासन की विदेश नीति के साथ खड़े दिखाई देते रहे थे। अब चुनावी नुकसान के बाद उनका युद्ध की उपयोगिता पर सवाल उठाना ट्रंप की रणनीति से दूरी बनाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, वेंस ने ट्रंप से किसी व्यक्तिगत मतभेद की बात नहीं कही।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति खुद स्वीकार कर चुके हैं कि युद्ध ने चुनावी नुकसान में भूमिका निभाई। चुनाव से पहले जेडी वेंस को ट्रंप का संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा था। लेकिन अब रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद उत्तराधिकार की राजनीति पर भी चर्चा शुरू हो गई है। 4 नवंबर को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कौन चुनाव लड़ेगा। उन्होंने वेंस के नाम को लेकर भी अनिश्चितता जताई। ट्रंप की इस टिप्पणी ने पार्टी के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि, अभी वेंस की ओर से 2028 के चुनाव को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है।
हेगसेथ पर महाभियोग का खतरा
ट्रंप प्रशासन में सबसे ज्यादा मुश्किल रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के सामने खड़ी होती दिखाई दे रही है। रिपब्लिकन सांसदों और प्रशासन के कुछ सहयोगियों का आरोप है कि हेगसेथ ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन युद्ध से बाहर निकलने की स्पष्ट रणनीति तैयार नहीं की गई। केंटकी के रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने कहा है कि अगर हेगसेथ इस्तीफा नहीं देते तो वह उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव दोबारा सदन में लाएंगे। मैसी ने संकेत दिया है कि कांग्रेस का कामकाज दोबारा शुरू होने पर अगले सप्ताह इस प्रस्ताव पर मतदान कराने की कोशिश करेंगे।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ सांसदों को उम्मीद है कि इस बार प्रस्ताव को समर्थन मिल सकता है। हेगसेथ के खिलाफ यह कार्रवाई ईरान युद्ध के संचालन और कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई से जुड़े सवालों के बीच आगे बढ़ रही है।
हेगसेथ पर बढ़ते दबाव के बीच ट्रंप ने बुधवार को उनका बचाव किया। जब राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या वह रक्षा मंत्री को पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि हेगसेथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सहयोगियों से भी हेगसेथ को पद पर बनाए रखने को लेकर चर्चा की है। प्रशासन के कुछ लोगों का मानना है कि चुनावी हार के बाद किसी वरिष्ठ अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग की मांग केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है। रिपब्लिकन सांसद मैसी की पहल से यह मामला पार्टी के भीतर भी विवाद का विषय बन गया है।
ईरान युद्ध बना सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती
अमेरिका में चुनावी हार के पीछे ईरान युद्ध के अलावा महंगाई, पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और जीवनयापन की लागत भी अहम मुद्दे रहे। युद्ध के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता आई और अमेरिकी मतदाताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ा। ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी ने रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया। हालांकि, उन्होंने सैन्य अभियान शुरू करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें इस पर कोई पछतावा नहीं है।अब डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों पर नियंत्रण के बाद ट्रंप प्रशासन को सैन्य फैसलों, रक्षा मंत्रालय और युद्ध से जुड़े खर्चों पर अधिक संसदीय निगरानी का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप के लिए अब आसान नहीं राह
मध्यावधि चुनावों के नतीजों ने ट्रंप के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ उन्हें ईरान के साथ युद्ध को लेकर आगे की रणनीति तय करनी है, दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी में उठ रहे सवालों का सामना करना है। वेंस का युद्ध को हार की वजह बताना, हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग की तैयारी और ट्रंप की ओर से रक्षा मंत्री का बचाव करना, व्हाइट हाउस के भीतर अलग-अलग राजनीतिक प्राथमिकताओं को उजागर करता है। हालांकि, अभी ट्रंप और वेंस के बीच औपचारिक टकराव या हेगसेथ की बर्खास्तगी की पुष्टि नहीं हुई है।
मध्यावधि चुनाव हारते ही टीम ट्रंप में जबरदस्त फूट: उपराष्ट्रपतिवेंस ने बनाई दूरी, रक्षा मंत्री हेगसेथ पर महाभियोग की तलवार
