नेताओं को सब, कर्मचारियों को कब?
“जनता और कर्मचारियों की एक पेंशन ही जीवनभर का सहारा, पर नेताओं के लिए अनेक पेंशन और असीमित सुविधाएँ – यही है लोकतंत्र की असली विसंगति।” -डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में जनता सर्वोपरि मानी जाती है। संविधान में समानता, न्याय और समान अवसर की बात कही गई है।…
