गटर में उतरती इंसानियत : सफाईकर्मियों की मौतें बताती हैं कि जातिवाद आज भी जिंदा है
डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत के शहर आज दो तस्वीरों में बँटे हुए दिखाई देते हैं। एक तस्वीर चमचमाती सड़कों, स्मार्ट सिटी योजनाओं, बड़े-बड़े मॉल और स्वच्छता अभियानों की है, जबकि दूसरी तस्वीर कूड़े के ढेरों, बदबूदार नालियों, उफनते सीवरों और उनमें उतरते इंसानों की है। दुर्भाग्य यह है कि दूसरी तस्वीर को…

