उपलब्धियों के शोर में दबे सच : 2025 का आत्ममंथन

बीता साल, बचे सवाल: 2025 का भारत – डॉ सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) इतिहास केवल तारीख़ों और घटनाओं का संग्रह नहीं होता, वह समाज की सामूहिक चेतना का आईना भी होता है। बीते कुछ वर्ष, और विशेष रूप से वर्ष 2025, भारत के लिए ऐसा ही एक आईना बनकर सामने आए—जिसमें हमने अपनी उपलब्धियाँ…

भारत में न्याय अभी जिंदा है : सेंगर की जमानत पर ‘सुप्रीम‘ ब्रेक

‘‘छन्न से टूटा आजादी का सपना‘‘‘‘केस की भेंट चढ़ गया पीड़िता का पूरा परिवार‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)  सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए गए और उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मिली राहत पर रोक लगा दी है। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के…

पितृसत्ता की कीमत अदा कर रहे हैं कुंवारे बेटे

(जब करोड़ों भी दुल्हन नहीं दिला पाएँ: उत्तर भारत के लिंगानुपात की भयावह सच्चाई)  उत्तर भारत में दुल्हन की तलाश में भटकते कुंवारे पुरुष कोई व्यक्तिगत विफलता नहीं, बल्कि उस समाज की सामूहिक त्रासदी हैं जिसने वर्षों तक बेटियों को बोझ समझा। करोड़ों की संपत्ति, ऊँची नौकरी और सामाजिक प्रतिष्ठा आज बेबस दिख रही है।…

अरावली विवाद में सुप्रीम कोर्ट की एंट्री : 29 दिसंबर को सीजेआई करेंगे सुनवाई

‘‘अरावली पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया‘‘‘‘सीजेआई सूर्यकांत की बेंच करेगी सुनवाई‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) अरावली को लेकर मचे घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। पहाड़ियों की नई परिभाषा के विवाद को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में खुद सीजेआई सूर्यकांत…

आस्था बनाम साँसें : कबूतर, कानून और हमारी सामूहिक गैर-जिम्मेदारी—  डॉ. सत्यवान सौरभ

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) भारत में आस्था अक्सर तर्क से बड़ी हो जाती है। यही कारण है कि यहाँ मंदिर के बाहर घंटियों की आवाज़ से ज़्यादा तेज़ कभी-कभी साँसों की घुटन होती है, लेकिन हम सुनना नहीं चाहते। मुंबई की एक अदालत का हालिया फैसला—जिसमें सार्वजनिक स्थान पर कबूतरों को दाना डालने पर ₹5000 का…

मोदी सरकार ने गरीबों की पीठ में छुरा घोंपा : मनरेगा पर राष्ट्रव्यापी जनांदोलन खड़ा करना होगा : खरगे

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ बनाए जाने को लेकर शनिवार को मोदी सरकार पर ‘गरीबों के पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप लगाया और कहा कि इस विषय पर राष्ट्रव्यापी जनांदोलन खड़ा करना होगा। उन्होंने…

बाल तस्करी और न्याय की परीक्षा

– डॉ प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) भारत में बाल तस्करी आज केवल एक सामाजिक विकृति नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, बहुस्तरीय और संगठित आपराधिक तंत्र का रूप ले चुकी है। यह अपराध उन कमजोर सामाजिक-आर्थिक संरचनाओं में जड़ें जमाता है जहाँ गरीबी, अशिक्षा, विस्थापन, लैंगिक असमानता और प्रशासनिक उदासीनता एक साथ मौजूद रहती हैं। बाल…

ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा का केंद्र सरकार और भाजपा पर हमला

‘‘राहुल गांधी की निगरानी करती है केंद्र सरकार‘‘नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने एक बार फिर भाजपा पर जोरदार हमला किया है। कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर सत्ता पक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि जब राहुल गांधी…

विकास की पटरी पर कुचला वन्यजीवन- डॉ सत्यवान सौरभ

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) दिसंबर 2025 में असम के होजाई ज़िले में सात हाथियों—जिनमें शावक भी शामिल थे—की रेल दुर्घटना में हुई मृत्यु कोई साधारण हादसा नहीं थी। यह घटना भारत के विकास मॉडल और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बनकर सामने आई। तेज़ रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर न केवल…

स्कूल के बाहर खड़ी आधी आबादी : जब बेटियाँ बीच रास्ते लौट आती हैं

छूटी हुई पाठशाला, छिनते सपने : भारत की बेटियों की अधूरी शिक्षा; अधिकार से वास्तविकता तक : लड़कियों की स्कूली ड्रॉपआउट की क्रूर सच्चाई; स्कूल के बाहर खड़ी आधी आबादी : जब बेटियाँ बीच रास्ते लौट आती हैं; किताब, काँच और क़ैद : पितृसत्ता के साये में लड़कियों की शिक्षा; ड्रॉपआउट की दीवार के पार…