भारत में एलनमस्क की स्टारलिकं को मिला लाइसेंस, 15 दिन में शुरू होगा ट्रायल

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने एलन मस्क की कंपनी स्टारलिकं को भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन (उपग्रह संचार) सेवा शुरू करने की मंज़ूरी दे दी है। यह जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दी है।
अभी आधिकारिक ऐलान नहीं, लेकिन ट्रायल जल्द
हालांकि सरकार या स्टारलिकं की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कंपनी को लाइसेंस मिल चुका है और आने वाले 15 से 20 दिनों के अंदर ट्रायल के लिए स्पेक्ट्रम (फ्रीक्वेंसी) भी दे दिया जाएगा।
दूरदराज इलाकों में भी मिलेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
इस कदम से गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों में भी तेज़ और बेहतर इंटरनेट सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। स्टारलिकं की एंट्री से भारत के इंटरनेट ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। स्टारलिकं ने हाल ही में बांग्लादेश में अपनी सेवा शुरू की है, जहां यह सेवा हर महीने लगभग 3,000 रुपये में मिलती है और इसके लिए एक बार में 33,000 रुपये का हार्डवेयर भी खरीदना पड़ता है। भारत में भी कीमतें लगभग इसी के आसपास हो सकती हैं, लेकिन सही कीमतें सेवा लॉन्च होने के बाद ही सामने आएंगी।
पहले भी की थी कोशिश, लेकिन नहीं मिला थी मंज़ूरी
स्टारलिकं ने साल 2021 में भारत में सेवा शुरू करने की कोशिश की थी। उस समय कंपनी ने प्री-ऑर्डर भी लिए थे, लेकिन सरकारी मंज़ूरी नहीं मिलने के कारण उन्हें सभी भुगतान वापस करने पड़े। अब मिली मंजूरी से साफ है कि भारत में स्टारलिकं जल्द ही अपनी सेवा शुरू कर सकता है।
स्टारलिकं तीसरी कंपनी बनी जिसे यह लाइसेंस मिला
स्टारलिकं अब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के लिए लाइसेंस प्राप्त करने वाली तीसरी कंपनी बन गई है। इससे पहले रिलायंस, जियो और वन वेव को भी यह लाइसेंस मिल चुका है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्या कहा?
स्टारलिकं पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था, स्टारलिकं की सैटेलाइट सर्विस टेलीकम्युनिकेशन के गुलदस्ते में एक नए फूल की तरह है। पहले के समय में सिर्फ फिक्स्ड लाइन्स थी और उन्हें भी मैन्युअली रोटेट करना पड़ता था। आज हमारे पास ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के साथ मोबाइल कनेक्टिविटी भी है।’
क्या है स्टारलिकं ?
स्टारलिकं, एलॉन मस्क की कंपनी स्पेश एक्स की एक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस है। ये लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस है। इसकी मदद से दुनिया के दूर-दराज के इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है। पिछले काफी समय से चर्चा है कि स्टारलिंक की सर्विस भारत में लॉन्च होगी।