कन्नौज: चुनाव परिणाम स्वीकार कर लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करे कांग्रेस : प्रिया शाक्य

बृजेश चतुर्वेदी 

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य ने कांग्रेस पार्टी एवं उसके नेताओं द्वारा चुनाव परिणामों के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन  तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

प्रिया शाक्य ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जीतना और हारना दोनों ही जनादेश का हिस्सा हैं। राजनीतिक दलों को जनता के निर्णय को खुले मन से स्वीकार करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल को चुनाव परिणाम अपने पक्ष में मिलते हैं, तब उसी चुनाव प्रक्रिया को स्वीकार किया जाता है, लेकिन परिणाम विपरीत आने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाना जनता के जनादेश पर ही प्रश्नचिह्न लगाने जैसा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि उन्हें ईवीएम अथवा चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस आपत्ति है तो उसे निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से प्रस्तुत करें। केवल सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाने से चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार ईवीएम की जांच और सत्यापन की निर्धारित प्रक्रियाएं चुनाव से पहले की जाती हैं तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में भी कई प्रक्रियाएं संपन्न होती हैं।

श्रीमती शाक्य जी ने कहा कि वर्ष 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद कांग्रेस की ओर से ईवीएम और मतगणना से संबंधित शिकायतें निर्वाचन आयोग के समक्ष रखी गई थीं। निर्वाचन आयोग ने अक्टूबर 2024 में कांग्रेस की शिकायतों पर विस्तृत जवाब देते हुए अपने स्तर पर उठाए गए प्रश्नों का स्पष्टीकरण दिया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, संविधान और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा में विश्वास करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया लगातार मजबूत हुई है और जनता अपने मताधिकार के माध्यम से सरकारों का चयन करती है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीतिक कमियों और जनता के बीच अपने प्रदर्शन पर आत्ममंथन करना चाहिए। हर चुनाव के बाद ईवीएम को दोष देने की राजनीति से जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “देश की जनता अपने मत से सरकार चुनती है। जनादेश को स्वीकार करना ही लोकतंत्र की वास्तविक भावना है। चुनाव हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करने के बजाय कांग्रेस को जनता के बीच अपने विश्वास और स्वीकार्यता पर आत्ममंथन करना चाहिए।”

उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह निर्वाचन प्रक्रिया पर निराधार या अप्रमाणित आरोप लगाने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखे।

इस दौरान जिला मीडिया प्रभारी अभिषेक पाण्डेय मौजूद रहे।