लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दांदरपुर गांव में जातीय तनाव से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोगों ने यादव जाति के एक कथा वाचक और उसके सहयोगी का जबरन सिर मुंडवा दिया।
पुलिस ने सोमवार देर रात (23 जून) इस मामले की पुष्टि की और बताया कि घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिस पर तुरंत संज्ञान लिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर बकेवर थाना क्षेत्र में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं। इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस घटना को लेकर अखिलेश यादव ने दी तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिनों में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो ‘पीडीए के मान-सम्मान की रक्षा’ के लिए एक बड़े आंदोलन का आह्वान किया जाएगा. यह घटना रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को हुई।
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि जिस व्यक्ति का सिर मुंडवाया गया था, उसकी शिकायत के आधार पर इटावा जिले के बकेवर थाने में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अपर पुलिस अधीक्षक को घटना की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पत्रकारों से बातचीत में पीड़ित कथा वाचक ने क्या कहा?
एसएसपी ने बताया कि उक्त घटना के संबंध में दूसरे पक्ष का कहना है कि कथावाचकों ने उनसे जाति छिपाई। पत्रकारों से बातचीत में पीड़ित कथा वाचक ने कहा, ‘‘मैं पहले एक निजी स्कूल संचालित करता था लेकिन सरकार ने स्कूल बंद करवा दिया, इसलिए मैं भागवत कथा करने लगा और कथा वाचक मुकुट मणि का सहायक बन गया।’’ उसने कहा, ‘‘हमें 21 जून से दांदरपुर गांव में भागवत कथा के लिए बुलाया गया था। हमसे हमारी जाति पूछी गई। इसके बाद मुझे पूरी रात प्रताड़ित किया गया और मेरे बाल मुंडवा दिए गए।’’ घटना को लेकर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों के साथ एसएसपी से मिला और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की।

