‘‘यूपी के इटावा में मनुवाद लागू!‘‘
‘‘भारत में हर दिन औसतन 42 दलितों पर होता है अत्याचार‘‘
‘‘पूजा केवल ब्राह्मण करेगा, पवित्रता की परिभाषा केवल ऊँची जाति तय करेगी।‘‘
इटावा।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में क्या मनुवाद लागू हो गया है? इटावा में यादव कथावाचकों के साथ जो कुछ हुआ क्या उसकी कल्पना भी की जा सकती है। इटावा के दादरपुर गांव में कथावाचकों द्वारा पूछने के बाद अपनी जाति बताने पर उनके साथ मारपीट की गई, बाल काटे गए और महिला के पैरों पर नाग रगड़वाई गयी।
यही नहीं उनके ऊपर महिलाओं का मूत्र छिड़कर उन्हें पवित्र करने का दुष्कृत किया गया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने पर पीडीए समाज में भारी नाराजगी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भड़क गये हैं। उन्होंने सरकार को तीन दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गयी तो पूरे प्रदेश में पीडीए के सम्मान में बड़ा आंदोलन करेंगें। वहीं मुकुट मणि सिंह ने बताया- दादरपुर गांव के पप्पू बाबा ने 21 से 27 जून तक भागवत कथा की बुकिंग कराई थी। पहले ही दिन देर शाम भोजन करते वक्त पप्पू बाबा ने मुझसे मेरी जाति पूछी।
जातिवादी जुल्म का आंकड़ा
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो एनसीआरबी के वर्ष 2023 के आंकड़ों के अनुसार भारत में हर दिन औसतन 42 दलितों पर अत्याचार होता है। उत्तर प्रदेश इन मामलों में लगातार शीर्ष पर रहा है। वर्ष 2023 में एससी/एसटी एक्ट के तहत 13,231 मामले सिर्फ यूपी में दर्ज हुए। इन मामलों में सज़ा की दर मात्र 28 प्रतिशत है, यानी ज़्यादातर दोषी बरी हो जाते हैं।
सोशल मीडिया पर उबाल
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद पूरा सोशल मीडिया उबाल पर है और यजूर्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर गुस्से का सैलाब आया हुआ है। लेकिन क्या यह गुस्सा धरातल पर बदलाव लाएगा? जातिवाद केवल एक कानून से नहीं मिटता यह सामाजिक बहिष्कार और वैचारिक आंदोलन से खत्म होता है। हमें घर-घर में जाति के खिलाफ आंदोलन खड़ा करना होगा।
एडीशनल एसपी कर रहे हैं जांच
मामला तूल पकड़ता देख पुलिस ने घटना का त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है। इटावा पुलिस के अनुसार घटना के संबंध में थाना बकेवर में मुकदमा दर्ज कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोप गंभीर हैं और जांच एडिशनल एसपी के नेतृत्व में की जा रही है। पीड़ितों द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि उन्हें बंधक बनाकर न सिर्फ पीटा गया बल्कि उनके पैसे भी छीन लिए गए।
कानपुर के रहने वाले हैं मुकुट
कथा वाचक मुकुट मणि सिंह यादव कानपुर के रहने वाले हैं। इटावा में सिविल लाइन के जवाहरपुरा राजा का बाग में रहते हैं। संत सिंह यादव अछल्दा औरैया और श्याम कठेरिया बकेवर के साथ मिलकर भागवत पाठ करते हैं।
क्या-क्या हुआ?
मुकुटमणि सिंह यादव ने बताया कि पप्पू बाबा के साथ अतुल, डीलर, मनीष और लगभग 50 अज्ञात लोगों ने मुझे लात-घूसे, जूते और चप्पलों से पीटा। गांव वालों के सामने मेरा सिर मुंडवाया गया। परीक्षित (यजमान) बनी महिला के पैरों में जबरन नाक रगड़वाई गई। गांव के बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के जूतों पर सिर रखकर माफी मंगवाई गई। 25 हजार रुपए और एक सोने की चेन छीन ली। मुझे बेइज्जत करके गांव से भगा दिया गया। मेरा सारा सामान अभी भी उनके कब्जे में है।
गैर ब्रहमण होना पड़ा भारी : पीड़ित
पीड़ितों ने बताया कि वे गांव में कथा करने पहुंचे थे, लेकिन कथित अगड़ी जातियों को यह नागवार गुजऱा कि नीची जाति के लोग धर्मशास्त्र की बात करें। यह वही सोच है जो कहती है कि पूजा केवल ब्राह्मण करेगा, पवित्रता की परिभाषा केवल ऊँची जाति तय करेगी।
इसांनियत शर्मशार : यादव कथावाचक कांड : ब्राहमणों ने बाल काटे, नाक रगड़वाई और महिलाओं का मूत्र छिड़क कर किया अपमानित

