बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। गैंगस्टर व दुष्कर्म मामले में आरोपित कन्नौज सदर के पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह को इलाहाबाद हाई कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने यह जमानत मंजूर की है।
बांदा जेल में बंद पूर्व ब्लाक प्रमुख को 11 अगस्त 2024 की रात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अड़गापुर गांव निवासी कन्नौज सदर के पूर्व ब्लाक प्रमुख की गिरफ्तारी उनके डिग्री कालेज से 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में की गई थी। आरोप है कि नवाब सिंह के पास पीड़िता को उसकी बुआ ही लेकर पहुंची थी। पुलिस ने पीड़िता की बुआ को सहयोग करने और नवाब सिंह के भाई नीलू यादव को साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गयी थी। जिला एवं सत्र न्यायालय से नवाब सिंह की जमानत अर्जी खारिज़ कर दी गई थी। मार्च में हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी गयी थी।
कन्नौज जिला जेल में बंद नवाब और नीलू पर आरोप लगा कि उनसे दर्ज़नो लोग रोज मुलाकात कर रहे थे। इस पर शासन के निर्देश पर नवाब सिंह को बांदा जेल और उसके भाई नीलू का कौशांबी जेल भिजवाया गया था। नवाब सिंह के अधिवक्ता शिवकुमार यादव का कहना है कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में नवाब सिंह और उनके भाई पर कई मुकदमे दर्ज किए हैं। सिर्फ गैंगस्टर एक्ट में जमानत मंजूर नहीं हुई थी। अब हाई कोर्ट से जमानत मंजूर हो गई हैं। इससे जल्द नवाब सिंह की रिहाई होगी।
फर्जी पर्ची से मुलाकात पर बदली गई थी जेल
जिला जेल में दोनों भाइयों की सभी सुविधाएं मिल रही थीं। आठ मार्च 2025 को शहर के मुहल्ला डाक बंगला सरायमीरा निवासी अधिवक्ता अरविंद चौहान ने एसपी विनोद कुमार से शिकायत की थी कि नवाब सिंह और उसके भाई नीलू से रोजाना बड़ी संख्या में समर्थक जिला जेल पहुंच मुलाकात करते हैं। इसकी जांच तत्कालीन सीओ सदर कमलेश कुमार ने की थी उन्ही की जांच आख्या पर दोनों आरोपियों की जेल बदल दी गयी थी।
324 दिन बाद आएंगे जेल से बाहर
कन्नौज : पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव 324 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे। नवाब सिंह और उसके भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। 21 सितंबर 2024 को नवाब सिंह को किशोरी से दुष्कर्म के मामले में जमानत मिली थी। इसके बाद अन्य मामलों में भी निचली अदालत से उसे जमानत मिल गई थी। सिर्फ गैंगस्टर एक्ट में दोनों भाइयों की जमानत होनी थी। अब जमानत मंजूर होने पर नवाब सिंह और उनके भाई जेल से बाहर आ जाएंगे।

