कन्नौज : भाजपा ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आयोजित की संगोष्ठी

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। आज भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर जिला अध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के कृतित्व एवम व्यक्तित्व पर  एक संगोष्ठी  का आयोजन किया कार्यक्रम का संचालन नगर अध्यक्ष  शिवेंद्र कुमार व नगर महामंत्री रामू राजपूत ने किया वही मंच पर महिला मोर्चा से प्राची गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि विवेक पाठक, जिला मीडिया प्रभारी शरद मिश्रा व पवन पांडे उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपतियों में से एक थे। बहु आयामी प्रतिमा के मालिक थे। उन्होंने देशभक्ति के कारण राजनीति में प्रवेश किया और आज हम कह सकते हैं कि वर्तमान पंजाब और वर्तमान पश्चिम बंगाल उन्हीं की देन है। विभाजन के वक्त मुस्लिम लीग ने कांग्रेस से जब सारा पंजाब और बंगाल लेने की ठानी थी और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रस्ताव को मान भी लिया होता अगर उस समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जन आंदोलन से जनता को जागृत करने का काम न किया होता। मुखर्जी न होते तो आज हम बंगाल और पंजाब की भी लड़ाई लड़ रहे होते प्रकाश पाल ने आगे कहा की डॉक्टर साहब के बलिदान दिवस पर कहा कि डॉक्टर साहब ने अपने जीवन की परवाह न करते हुए पूरा जीवन भारत माता के मस्तक को ऊंचा करने में लगा दिया। उन्होंने आगे कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक बहु आयामी व्यक्तित्व के स्वामी ही नहीं एक महान शिक्षाविद, देश भक्त, राजनेता,सांसद,अदम्य साहस के धनी एवं सहृदय और मानवतावादी थे डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी के विचारों में संपूर्ण भारत दिखता था ।

जिला मीडिया प्रभारी  शरद मिश्रा ने कहा कि हम सभी जो जीवन भर से नारा लगाते हुए आए  जहां हुए बलिदान मुखर्जी व कश्मीर हमारा है जो कश्मीर हमारा है वह सारे का सारा है। इस नारे को चरित्रार्थ  करने का कार्य भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक झटके में 370 हटाकर यह साबित कर दिया कि इस देश में एक निशान ,एक  प्रधान, एक विधान लागू किया है डॉक्टर मुखर्जी 11 मई 1953 को कुख्यात परमिट सिस्टम का उल्लंघन करके कश्मीर में प्रवेश करते हुए गिरफ्तार हुए गिरफ्तारी के दौरान ही विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका निधन हो गया। 

 नगर  अध्यक्ष  शिवेंद्र कुमार व  विवेक पाठक ने कहा डॉक्टर साहब संपूर्ण भारत को एक रूप मानते थे इसीलिए धर्म के आधार पर वे विभाजन के कट्टर विरोधी थे विभाजन संबंधी उत्पन्न हुई स्थिति ऐतिहासिक और सामाजिक कारणों से थी वह अक्सर कहते थे कि ये आधारभूत सत्य है कि हम सब एक हैं हमें कोई अंतर नहीं है हम सबके रक्त एक ही हैं, एक ही भाषा एक ही संस्कृति और एक ही हमारी विरासत है परंतु उनके इन विचारों को अन्य राजनीतिक दल के तत्कालीन नेताओं ने अन्यथा रूप से प्रचारित प्रसारित किया वही जनपद के 16 मंडलों में भी  डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कृतित्व एवम व्यक्तित्व पर  एक संगोष्ठी  का आयोजन किया गया। संगोष्ठी  में  राजू चतुर्वेदी, राम मिश्रा , ऋतिक वर्मा , अंशुल मिश्रा , विनीत तिवारी , जिमी वाल्मीक , विनीता चतुर्वेदी, लक्ष्मी कुशवाहा, ममता सक्सेना , आकाश कश्यप , ने भी अपने विचार रखे इस मौके पर सैकड़ो पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।