नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। गुजरात में आम आदमी पार्टी और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर सामने आया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि गुजरात सरकार ने आप विधायक चैतर वसावा को जानबूझकर गिरफ्तार करवाया, क्योंकि वह मनरेगा योजना में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे थे।
कौन हैं चैतर वसावा और क्या है मामला?
चैतर वसावा, गुजरात के नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा सीट से विधायक हैं। उन्हें 6 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। उन पर एक पंचायत अधिकारी पर हमले और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वसावा की जमानत याचिका पिछले हफ्ते सत्र अदालत ने खारिज कर दी थी।
केजरीवाल का आरोप क्या है?
अरविंद केजरीवाल ने एक रैली में कहा, ”वसावा ने विधायक बनने के बाद गांवों में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करना शुरू किया। उन्होंने बताया कि स्कूल, अस्पताल और सड़क के लिए जो पैसा सरकार देती है, वह कुछ नेताओं की जेब में जा रहा है। वसावा ने मनरेगा योजना में 71 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया था, जिसमें गुजरात सरकार के मंत्री बाचूभाई खाबड़ के दो बेटों के शामिल होने का आरोप है। इसी वजह से वसावा को फर्जी केस में फंसा दिया गया।”
आदिवासियों की आवाज से डर रही भाजपा : केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि वसावा आदिवासी समुदाय की मजबूत आवाज बन चुके हैं। भाजपा को डर है कि अगर वसावा ऐसे मुद्दे उठाते रहेंगे, तो आदिवासी समुदाय का वोट बीजेपी से दूर हो जाएगा। इसलिए उन्हें जेल भेजा गया ताकि डर का माहौल बनाया जा सके।
केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाकर जेल में डाला गया। उन्होंने खुद के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि अब गुजरात में भी आप नेताओं को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जेल भेजने की साजिश हो रही है।
2027 चुनाव और आप की तैयारी
केजरीवाल ने कहा कि आप आने वाले नगर निगम और पंचायत चुनावों में युवाओं और आम लोगों के बच्चों को टिकट देगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वसावा की गिरफ्तारी का जवाब कांग्रेस और भाजपा को हटाकर दिया जाए। उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस भाजपा के साथ मिली हुई है, इसलिए उससे भी सावधान रहना होगा।

