भाजपा नेता के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा लिखने पर एसडीओ से मारपीट : एफआईआर न होने पर हड़ताल

‘‘भाजपा नेता पर कार्रवाई की मांग : कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक बीजेपी नेता पर मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।‘‘
‘‘बीजेपी नेता ने जातीय उत्पीड़न का लगाया आरोप लगाया‘‘
लखनऊ।  (आवाज न्यूज ब्यूरो)।
यूपी के कुशीनगर में तमकुहीराज विद्युत उपकेंद्र में बीजेपी मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजय राय द्वारा एसडीओ शुभम अग्रहरि के साथ कथित बदसलूकी और हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
घटना के पांच दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से नाराज विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मंगलवार से अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक बीजेपी नेता पर मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आंदोलन के दौरान यदि कोई औद्योगिक अशांति या बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विभागीय प्रबंधन की होगी। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि एक अधिकारी के साथ दफ्तर में घुसकर की गई हाथापाई न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे पूरे विभाग की गरिमा को ठेस पहुंची है। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि प्रशासन इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करता है या नहीं। कर्मचारी संगठन ने साफ किया है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बिजली चोरी पकड़े जाने पर हुआ था बवाल
मामला तमकुहीराज विद्युत उपकेंद्र का है, जहां एसडीओ शुभम अग्रहरि कार्यालय में काम कर रहे थे। बीजेपी नेता अजय राय अपने साथियों के साथ पहुंचे और बिजली कनेक्शन की क्षमता वृद्धि को लेकर विवाद शुरू हुआ। एसडीओ के मुताबिक दी प्रेसिडेंट स्कूल में प्रवर्तन दल ने 21 किलोवाट बिजली चोरी पकड़ी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। क्षमता वृद्धि से इनकार करने पर अजय राय ने कथित तौर पर कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीओ ने तहरीर और वीडियो सीडी थाने में जमा की।
बीजेपी नेता ने जातीय उत्पीड़न का आरोप लगाया
उधर अजय राय ने एसडीओ पर जातिसूचक टिप्पणी और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। उनका दावा है कि एक अनुसूचित जाति व्यक्ति के ढाई लाख रुपये के बिजली बिल की शिकायत पर एसडीओ ने अपमानजनक भाषा का उपयोग किया और बिजली मंत्री व सरकार को बुरा-भला कहा। इस प्रतिरोध में धक्का-मुक्की हुई। थानाध्यक्ष सुशीलकुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर की जांच चल रही है और न्यायसंगत कार्रवाई होगी।
विद्युत कर्मचारी जिनमें इं. पप्पू जयसवाल, राहुल कुमार, सुरेंद्र यादव, गौरव वर्मा, चंदन सिंह, यशवंत सिंह, शिवम दुबे, प्रवीण पांडेय आदि शामिल हैं। इन्होने कहा कि सत्ताधारी नेता के खिलाफ कार्रवाई न होने से न्याय पर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रशासन से तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। इस घटना ने स्थानीय और सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।