“हम संविधान की रक्षा के लिए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की तर्ज पर ‘करो या मरो’ का रास्ता अपनाएंगे।”
नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को बेंगलुरु में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 के लोकसभा चुनावों में “फर्जी वोटों” के कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था।
यह सरकार चोरी की सरकार
खड़गे ने दावा किया कि पीएम मोदी और बीजेपी ने वोट चोरी करके चुनाव जीतने का प्रयास किया और चुनाव आयोग उनके इशारे पर काम कर रहा है। खड़गे ने कहा, “यह सरकार चोरी की सरकार है। मोदी ने फर्जी वोटों से देश को रुलाया है। 2019 के चुनाव में मैंने यह पहले भी कहा था, और अब यह सामने आ गया है।”
बीजेपी ने लोकसभा चुनावों में अवैध जीत हासिल की
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने महाराष्ट्र, कर्नाटका और 2024 के लोकसभा चुनावों में अवैध रूप से जीत हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव आयोग पर दबाव बनाकर चुनाव परिणामों को प्रभावित कर रहे हैं। खड़गे ने कहा, “अब मोदी एंड कंपनी 2024 का चुनाव नहीं जीत पाएंगे।”
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला
रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। उन्होंने चुनाव आयोग से पिछले 10 वर्षों की मतदाता सूचियाँ और वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की माँग की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2019 में कांग्रेस को 15-16 सीटें मिलने का अनुमान था, लेकिन चुनाव परिणाम में गड़बड़ी के कारण पार्टी केवल 9 सीटें ही जीत पाई। उन्होंने चुनाव आयोग से मदद माँगी थी, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। राहुल ने यह भी कहा, “हमने 100 फीसदी साबित किया है कि चुनाव आयोग और बीजेपी ने वोटों की चोरी की है।” इसके अलावा, उन्होंने देश के संविधान की रक्षा की बात करते हुए, कहा कि हर कांग्रेस कार्यकर्ता इस संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
‘करो या मरो’ का रास्ता अपनाएंगे
खड़गे ने महात्मा गांधी के प्रसिद्ध ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का उल्लेख करते हुए कहा, “हम संविधान की रक्षा के लिए ‘करो या मरो’ का रास्ता अपनाएंगे।” उन्होंने राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया, जो लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस रैली के जरिए अपनी रणनीति स्पष्ट की और आगामी चुनावों में एकजुट होकर बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया।

