राहुल गांधी के नेतृत्व में 300 सांसद चुनाव आयोग के खिलाफ निकालेंगे विरोध मार्च, मल्लिकार्जुन खड़गे देंगे डिनर

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सोमवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों के लिए डिनर का आयोजन करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनावी धांधली के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता के प्रयासों के बीच हो रही है। वहीं लगभग 300 लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को साथ चुनाव आयोग के दफ्तर तक इन मुद्दों को लेकर विरोध मार्च निकालेंगे।
हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं की डिनर मीटिंग हुई थी, जिसमें उन्होंने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण और बीजेपी-चुनाव आयोग के कथित “वोट चोरी मॉडल“ का विरोध करने का संकल्प लिया था। यह बैठक जून 2024 में लोकसभा चुनाव के बाद, खड़गे के आवास पर हुई भौतिक मीटिंग के बाद पहली बार थी। इस बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए, जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, सपा के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, टीएमसी के अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, डीएमके के तिरुचि शिवा और टी आर बालू, सीपीआई(एम) के एम ए बेबी, सीपीआई के डी राजा, सीपीआई(एमएल) के दीपांकर भट्टाचार्य और एमएनएम प्रमुख कमल हासन शामिल रहे।
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी द्वारा चुनाव आयोग के जरिए कथित “वोट चोरी मॉडल“ पर प्रेजेंटेशन दिया। कांग्रेस के अनुसार, उन्होंने विस्तार से बताया कि किस तरह चुनाव “रिग“ किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “चुनावी हेरफेर के खिलाफ एकजुट मोर्चा! हम लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसे किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने देंगे।“
मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ विरोध
विपक्षी दल बिहार में चल रहे एसआईआर अभ्यास का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे बड़ी संख्या में मतदाता अपने अधिकारों से वंचित हो सकते हैं। इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच कथित मिलीभगत के चलते चुनावों में “बड़े आपराधिक धोखाधड़ी“ के आरोप लगाए थे। कांग्रेस के लोकसभा में डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने कहा, ’जिस तरह संसद में विपक्षी दल राष्ट्रीय हित में एकजुट रहे और सरकार को घेरा, वैसी ही एकता इस बैठक में भी दिखाई दी।’ आगामी डिनर, जो खड़गे द्वारा चाणक्यपुरी स्थित होटल ताज पैलेस में आयोजित किया जाएगा, इंडिया गठबंधन के सांसदों के बीच इस एकजुटता को और मजबूत करने का प्रयास है। कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ जारी इस मुहिम में विपक्ष का यह सामूहिक प्रयास उनके लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बचाने के संकल्प को दर्शाता है।
अमित मालवीय ने राहुल गांधी को दी चुनौती
वहीं बीजेपी आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें अपने आरोपों के समर्थन में असमर्थ मतदाताओं के नाम, जो उन्होंने मतदाता सूची में होने का दावा किया है, चुनाव आयोग को नियम 20(3)(इ) के तहत सौंपने चाहिए। अमित मालवीय ने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी ऐसा नहीं करते हैं, तो यह साफ हो जाएगा कि उनके पास कोई ठोस मामला नहीं है और वे केवल राजनीतिक नाटक कर रहे हैं। उनका मकसद तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर जनता के मन में शक पैदा करना और एक संवैधानिक संस्था को बदनाम करना है, जो निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करती है। मालवीय ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया।